वसा फ्री खाना
कई बार जाने-अनजाने आप ऐसी चीजों को परिवार की डाइट में शामिल कर देती हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदेह होती हैं, खासकर अगर परिवार में कोलेस्ट्रॉल का कोई इतिहास रहा हो या कोई सदस्य इस परेशानी से पीड़ित हो।

घर पर बना भोजन सेह के लिए सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें आप अपनी पसंद की ताजी और प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करती हैं, जिससे पोषण और स्वच्छता पर पूरा नियंत्रण रहता है। इस भोजन में स्वाद के साथ-साथ पौष्टिकता भी होती है, जो संतुष्टि देती है। ऐसे में अपने परिवार के लिए भोजन बनाते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि ऐसा भोजन तैयार किया जाए, जो कोलेस्ट्रॉल से बचाव करे।
■ क्यों बढ़ता है बैड कोलेस्ट्रॉल
असल में, कोलेस्ट्रॉल मोम जैसा चिपचिपा पदार्थ होता है, जो कोशिकाओं के किनारे स्थित झिल्लियों में पाया जाता है। यह उन्हें सही आकार देने का काम करता है। इसके घनत्व के आधार पर इसे दो श्रेणियों में बांटा जाता है। पहला, एचडील यानी हाई डेंसिटी लिपिड, जिसे गुड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। यह शरीर के लिए नुकसानदेह नहीं होता और अतिरिक्त फैट को हटाकर बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाता है। इसके अलावा यह रक्तवाहिका की सफाई का काम करता है, शरीर में ऊर्जा पहुंचाने में मददगार होता है और हार्ट अटैक तथा हार्ट स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव भी करता है। वहीं एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह धमिनियों में जमा होकर रक्त प्रवाह में रुकावट पैदा करता है और इसकी
वजह से दिल तक खून पहुंचने में भी रुकावट होती है। जब आप घर पर बनाए गए भोजन में अधिक मात्रा में घी, तेल और चीनी का उपयोग करती हैं तो बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। इसके अलावा मैदे से बनी चीजें, प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का सबसे आम और मुख्य कारण है। आनुवंशिकता भी बैड कोलेस्ट्रॉल एक प्रमुख कारण है, क्योंकि अगर आपके परिवार में कोलेस्ट्रॉल का इतिहास रहा है तो आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने परिवार पर ध्यान दें और ऐसा खाना तैयार करें, जो पूरी तरह कोलेस्ट्रॉल फ्री हो।
■ कैसा हो खान-पान
आप रात में 5 बादाम, 2 अखरोट की गिरी भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट खाने की आदत डालें। इनमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मददगार होता है। इसके बाद सुबह के नाश्ते में नमकीन, दलिया, नॉन स्टिक तवे पर बना बेसन का चीला, पोहा और इडली जैसी फाइबर युक्त चीजों का सेवन करें। नाश्ते के बाद दोपहर 12 बजे तक आपको कोई एक मौसमी फल जरूर लेना चाहिए। लंच में चावल, रोटी के साथ हरी सब्जियां, दाल, सैलेड और दही का सेवन करें। लंच के बाद जब शाम को चार-पांच बजे तेज भूख लगती है, उस दौरान अधिकतर लोग चाय के साथ बिस्कुट, नमकीन और वेफर्स जैसी चीजों का सेवन करते हैं, जिनमें मौजूद फैट शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ा देता है, इसलिए ऐसे अनहेल्दी स्नैक्स से बचने का प्रयास करें। शाम के समय हल्की भूख लगने पर भुने चने, स्प्राउट्स, चिड़वा या मुरमुरे का सेवन करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
इसी तरह रात के भोजन में रोटी के साथ सब्जी और सैलड का सेवन पर्याप्त होता है। अगर आप नॉनवेजटेरियन हैं तो दिन के वक्त एक उबला अंडा खाएं। शैलो फ्राइड, स्टीम्ड फिश या चिकन का सेवन भी सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन शरीर को बैड कोलेस्ट्रॉल से बचाने के लिए रेड मीट से दूर रहें।■ कैसे करें बचावकोलेस्ट्रॉल से बचने का सबसे बेहतरीन उपाय है, अपने बढ़ते वजन के प्रति सचेत रहना। आमतौर पर माना जाता है कि 30 से अधिक बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स वाले लोगों का कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है। इसलिए आप सैचुरेटेड फैट का सेवन सीमित मात्रा में करें और ऐसा भोजन तैयार करें, जो वसा युक्त न हो। ध्यान रखें कि भोजन से मिलने वाला कोलेस्ट्रॉल 200 मिलीग्राम से कम ही होना चाहिए। आप वनस्पति तेलों का इस्तेमाल भी कर सकती हैं, क्योंकि सूरजमुखी, सोयाबीन के अलावा ऑलिव ऑयल जैसे तेलों को सेहत के




