लाइफ स्टाइल

घंटो पसीना बहाकर भी वजन नहीं घट रहा रहा

वजन कम करना एक चुनौतीपूर्ण यात्रा हो सकती है। यह निराशाजनक हो सकता है, खासकर तब जब आप व्यायाम और आहार दोनों के साथ कड़ी मेहनत कर रहे हों, लेकिन मनचाहा परिणाम न मिल रहा हो। अगर आप बहुत कोशिशों के बावजूद वजन कम करने में संघर्ष कर रहे हैं, तो आपको अपने आहार और डाइट चार्ट पर नज़र रखने की ज़रूरत है। लेकिन अगर आप अपना दिल और आत्मा वजन कम करने में लगा रहे हैं, फिटनेस से लेकर डाइट चार्ट तक सब कुछ फॉलो कर रहे हैं, फिर भी आपका वजन कम नहीं हो रहा है, तो आपको सोचना होगा कि कहीं आप गलती तो नहीं कर रहे हैं! वजन कम करने की प्रक्रिया में ऐसा हो सकता है कि आप कैलोरी और प्रोटीन के मामले में जितना सोचते हैं, उससे ज़्यादा कैलोरी ले रहे हों। वजन कम करने के लिए कम कैलोरी की ज़रूरत होती है, लेकिन बहुत ज़्यादा कैलोरी लेने से वजन कम करने की प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। अपने खाने पर नज़र रखें और सुनिश्चित करें कि आप कैलोरी की कमी को बनाए रखते हुए अपने शरीर को पर्याप्त पोषण दे रहे हैं।

खाने की बात करें: खाते समय, गलती से ज़्यादा मात्रा में खाना खाने की संभावना होती है, जिससे अपेक्षा से ज़्यादा कैलोरी का सेवन हो सकता है। हमेशा ध्यान रखें और छोटे निवाले लें, जो पाचन में मदद करते हैं। अपने वर्कआउट में बदलाव करें: एक ही वर्कआउट को बार-बार दोहराने से आपका शरीर व्यायाम के लिए अभ्यस्त हो जाता है और हर बार दोहराने पर कम कैलोरी बर्न होती है। अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर और अलग-अलग तीव्रता पर अलग-अलग वर्कआउट करें ताकि आपके शरीर को काम करने और अतिरिक्त वसा को जलाने में मदद मिले। कौन से पेय पदार्थ: वजन घटाने की प्रक्रिया में खाने के साथ-साथ पेय पदार्थों का भी विशेष महत्व है।

सुनिश्चित करें कि आप चीनी के साथ दही की स्मूदी नहीं पी रहे हैं! इसके अलावा, सलाद के साथ कभी भी कोल्ड ड्रिंक का सेवन न करें। पर्याप्त नींद न लेना: वजन कम करने के लिए 7-8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है। आप जितना कम सोएंगे, आपका शरीर उतना ही थका हुआ रहेगा। ऐसी आदत आपके शरीर पर विपरीत प्रभाव डाल सकती है। थके हुए शरीर का नतीजा कमजोर पाचन, धीमा मेटाबॉलिज्म होता है। इसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अत्यधिक तनाव: बहुत अधिक तनाव लेने से आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। तनाव से कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) और एड्रेनालाईन का स्तर बढ़ जाता है। इससे हार्मोनल असंतुलन होता है और शरीर में चर्बी बढ़ती है, जिससे शरीर के ऊपरी हिस्से में चर्बी बढ़ जाती है।

YouTube channel Search – www.youtube.com/@mindfresh112 , www.youtube.com/@Mindfreshshort1

नए खबरों के लिए बने रहे सटीकता न्यूज के साथ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
स्वाद भी सेहत भी: बयु/बबुआ खाने के फायदे जानकर आप भी इसे डाइट में ज़रूर शामिल करेंगे गले की खराश से तुरंत राहत: अपनाएं ये असरदार घरेलू नुस्खे सर्दियों में कपड़े सुखाने की टेंशन खत्म: बिना बदबू और फफूंदी के अपनाएं ये स्मार्ट हैक्स सनाय की पत्तियों का चमत्कार: कब्ज से लेकर पेट और त्वचा रोगों तक रामबाण पानी के नीचे बसाया गया अनोखा शहर—मैक्सिको का अंडरवाटर म्यूजियम बना दुनिया की नई हैरानी सुबह खाली पेट मेथी की चाय—छोटी आदत, बड़े स्वास्थ्य फायदे