रिश्वतखोरी में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के वरिष्ठ महाप्रबंधक समेत दो गिरफ्तार
, सीबीआई ने 2.4 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, सीकर, जयपुर और मोहाली में मारे गए छापे, डिजिटल उपकरण और दस्तावेज बरामद

नई दिल्ली | केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के वरिष्ठ महाप्रबंधक उदय कुमार को 2.4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने मामले में मुंबई स्थित कंपनी केईसी इंटरनेशनल के अधिकारी सुमन सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने राजस्थान के सीकर, जयपुर और पंजाब के मोहाली में आरोपियों के आवासीय व आधिकारिक ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान कई डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।CBICBIअधिकारियों ने बताया कि राजस्थान के अजमेर में तैनात उदय कुमार और सुमन सिंह को बृहस्पतिवार को सीकर से तब गिरफ्तार किया गया, जब दोनों रिश्वत की रकम का लेनदेन कर रहे थे।
सीबीआई प्रवक्ता ने बताया, यह रिश्वतCBपावर ग्रिड कॉरपोरेशन से निजी कंपनी को दिए गए अनुबंधों से संबंधित बिलों को पास कराने में अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए दी गई थी।मामले में दर्ज की गई एफआईआर में पांच व्यक्तियों और केईसी इंटरनेशनल लि. को आरोपी बनाया गया है। इसमें उदय कुमार और सुमन के अलावा केईसी इंटरनेशनल के उपाध्यक्ष और उत्तर भारत में ट्रांसमिशन और वितरण प्रमुख जबराज सिंह, कंपनी के जयपुर स्थित वित्त एवं लेखा वरिष्ठ प्रबंधक अतुल अग्रवाल और कंपनी के कर्मचारी आशुतोष कुमार का नाम है। ब्यूरोपावर ट्रांसमिशन से जुड़ी है केईसी इंटरनेशनलपावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत सार्वजनिक कंपनी है। यह देशभर में बिजली वितरण का कार्य करती है। वहीं, केईसी इंटरनेशनल लि. निजी कंपनी है, जो इन्फ्रास्ट्रक्चर और बिजली वितरण के क्षेत्र में काम करती है।
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