शिक्षा

रायपुर में प्रांतीय कांग्रेस सम्मलेन

छत्तीसगढ़ इतिहास : सन् 1907 में रायपुर शहर में मध्य प्रदेश और बरार के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक राजनीतिक सम्मेलन हुआ। इस सम्मेलन की अध्यक्षता श्री केलकर ने की और स्वागताध्यक्ष बैरिस्टर हरिसिंह गौर थे। रायपुर के इस प्रांतीय कांग्रेस सम्मेलन में 1907 के सूरत अधिवेशन का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यहाँ भी कांग्रेस दो गुटों में बँटी हुई थी। दादा साहब खापर्डे, पंडित रविशंकर शुक्ल अतिवादी अर्थात् गरम विचारों वाले सिद्ध हुए। जबकि श्री केलकर, हरिसिंह गौर, डॉ. मुंजे उदारवादी अर्थात् नरम विचारों वाले थे। दादा साहब खापर्डे ने सम्मेलन की कार्यवाही राष्ट्रगान ‘वंदे मातरम’ से शुरू करने का सुझाव दिया। लेकिन डॉ. हरिसिंह गौर और डॉ. मुंजे उनके सुझाव से सहमत नहीं हुए। इससे सम्मेलन का माहौल हिंसक हो गया। दादा साहब खापर्डे अपने अतिवादी साथियों के साथ पंडाल से बाहर चले गए। यद्यपि पंडित रविशंकर शुक्ल गरम विचारों वाले व्यक्ति थे, फिर भी वे सम्मेलन के हिंसक माहौल को समाप्त करना चाहते थे।

उन्होंने नरमपंथियों से खापर्डे का प्रस्ताव स्वीकार करने का अनुरोध किया, अतः खापर्डे का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया। दादा साहब खापर्डे सम्मेलन में वापस नहीं आए। उन्होंने तात्या पारा हनुमान मंदिर के पास जनसभा को संबोधित किया और स्वदेशी के महत्व और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का प्रचार किया। दादा साहब खापर्डे और उनके साथियों ने ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। रायपुर में हुए इस प्रांतीय कांग्रेस अधिवेशन से यह स्पष्ट हो गया कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस गरमपंथी और नरमपंथी के रूप में दो भागों में विभाजित हो चुकी है। पंडित रविशंकर शुक्ल, पंडित माधव राव सप्रे, ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर, डॉ. ई. राघवेंद्र राव, ये सभी कांग्रेसी गरमपंथी और तिलकवादी थे।

YouTube channel Search – www.youtube.com/@mindfresh112 , www.youtube.com/@Mindfreshshort1

नए खबरों के लिए बने रहे सटीकता न्यूज के साथ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
गले की खराश से तुरंत राहत: अपनाएं ये असरदार घरेलू नुस्खे सर्दियों में कपड़े सुखाने की टेंशन खत्म: बिना बदबू और फफूंदी के अपनाएं ये स्मार्ट हैक्स सनाय की पत्तियों का चमत्कार: कब्ज से लेकर पेट और त्वचा रोगों तक रामबाण पानी के नीचे बसाया गया अनोखा शहर—मैक्सिको का अंडरवाटर म्यूजियम बना दुनिया की नई हैरानी सुबह खाली पेट मेथी की चाय—छोटी आदत, बड़े स्वास्थ्य फायदे कई बीमारियों से बचाते हैं बेल के पत्ते