सरस्वती’ पुस्तकालय की स्थापना

छत्तीसगढ़ इतिहास : सन् 1909 में ठा. प्यारेलाल सिंह ने राजनांदगांव के निवासियों में राष्ट्रीय भावना को उत्प्रेरित करने के लिए सरस्वती पुस्तकालय की स्थापना की। उनके इन महत्वपूर्ण कार्य में पं. राजुलाल शर्मा और पं. छबिलाल चौबे ने सहयोग किया था। यह एक ऐसी संस्था थी जहां पढ़े लिखे लोगों का जमवाड़ा होता था। यहीं से राष्ट्रीय चेतना की धारा प्रवाहित होती थी। राष्ट्रीयता की भावना को जगाने में इस सरस्वती पुस्तकालय का महत्वपूर्ण योगदान था। हरिठाकुर ने ठीक ही कहा है ‘सरस्वती पुस्तकालय की स्थापना के पीछे ठा. प्यारेलाल सिंह का राजनीतिक उद्देश्य था। वे इस संस्था के माध्यम से राजनांदगांव के जनमानस को भावी आंदोलन के लिए तैयार करना चाहते थे
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