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छत्तीसगढ़ का इतिहास : छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस का उत्सव (26 जनवरी 1946)

छत्तीसगढ़ का इतिहास : -26 जनवरी 1930 से प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी की तिथि को स्वाधीनता दिवस मनाया जा रहा था। 26 जनवरी 1946 को देश भर में स्वाधीनता दिवस का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन से भला छत्तीसगढ़ कैसे अछूता रह सकता था। फलस्वरुप रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, रतनपुर, जांजगीर, कटघोरा, चाम्पा सभी जगह उत्साहपूर्ण आयोजन किए गए। इस आयोजन के लिए जिला कांग्रेस कमेटी, तहसील कमेटी ने आवश्यक निर्देश दे दिए थे। उसी का पालन किया गया। रायपुर के महन्त लक्ष्मी नारायण दास ने 20 जनवरी को रायपुर के कार्यकर्ता के नाम एक अपील स्वाधीनता दिवस मनाने के लिए जारी की, जिसका वक्तव्य इस प्रकार है- तारीख 26 जनवरी स्वतंत्रता दिवस है।

यह आप जानते ही होंगे। यह कांग्रेस का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो हिन्दुस्तान भर में प्रतिवर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। तारीख 26 जनवरी को रायपुर शहर व तहसील के हर स्थान पर स्वतंत्रता दिवस आदेशानुसार मनाने का आयोजन होना चाहिए। इस संबंध में अभी से प्रयत्न किया जावेगा कि समय पर सब जगह उचित रुप से संगठन हो सके।26 जनवरी को छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले, नगर व तहसील में प्रभात फेरी निकाली गई। झण्डा वन्दन किया गया। शाम को सभी जगह आमसभा आयोजित की गई जिसमें उपस्थित लोगों ने रावी के तट पर पं. जवाहरलाल नेहरु द्वारा 1929 में ली गई प्रतिज्ञा को दोहराया गया। जो व्यक्ति किसी कारण से सभा में उपस्थित नहीं हो पाए उन्होंने अपने घर पर ही व्यक्तिगत व सामूहिक रुप से प्रतिज्ञा ली। 26 जनवरी को छत्तीसगढ़ के प्रायः सभी छोटे-बड़े नगरों व तहसीलों में राष्ट्रीय झण्डोत्तोलन किया गया।

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