छत्तीसगढ़ की भूगर्भीय संरचना का रहस्य — नौ भूगर्भिक क्षेत्र और चार प्राकृतिक प्रक्षेत्रों में बँटा प्रदेश

उपर्युक्त विवेचना के आधार पर धरातलीय संरचना की दृष्टि से छत्तीसगढ़ को नौ भूगर्भिक क्षेत्र में बाँटा जा सकता है:-
आद्य महाकल्प शैल समूह – यह सरगुजा से बस्तर तक व्याप्त है। यह शैल-समूहजीवाश्मविहीन रहकर भूगर्भ की गहराई तक है। इसकी चट्टानों में ग्रेनाइट तथा नीस प्रमुखता से पायी जाती है।
धारवाड़ शैलसमूह – इस शैलसमूह में क्वार्ज, अभ्रक आदि की प्रमुखता है। इसका विस्तार रायपुर, राजनांदगाँव से लेकर दंतेवाड़ा तक है। इस धारवाड़ शैलसमूह की निम्नलिखित श्रृंखलाएँ छत्तीसगढ़ में मौजूद हैं-(क) चिल्पी घाटी श्रृंखला(ख) सोनाखान श्रृंखला, तथा (ग) लौह अयस्क श्रृंखला
कड़प्पा शैल समूह – ग्रेनाइट के अन्तर्वेधन से यह स्थिति बनी है। इसमें अभ्रक, डोलोमाइट के संस्तर हैं। इसका विस्तार बस्तर, महासमुंद आदि तक हैं। इसमें एक कड़प्पा शैल-समूह की श्रृंखला तथा दूसरी चन्द्रपुर श्रृंखला है।
गोंडवाना शैलसमूह – इसका निर्माण नदियों के निक्षेप में हुआ हैं। अतः रायगढ़ से बिलासपुर तक वितत है। इसकी तीन श्रृंखलाएँ हैं (क) ऊपरी गोंडवाना हिमगिर श्रृंखला, (ख) बाराकर श्रृंखला, (ग) तालचर श्रृंखला।
दकन ट्रैप एवं लमेटा – यह ज्वालामुखीय स्थितियों से बना है। यह मेकल-श्रेणी से शुरू होकर राजनांदगाँव तक व्याप्त है।
विन्ध्यन शैलसमूह – कड़प्पा काल के बाद यह स्थिति आयी। इसमें चूने का पत्थर, बलुआ पत्थर आदि से परिपूर्ण शैलों की प्रधानता है। गोदावरी और महानदी के बीच ऐसे शैल-समूहों की विद्यमानता है।व्याप्त है।
पूर्व कैम्ब्रियन शैलसमूह – दुर्ग जिले की संजारी तथा राजनांदगाँव जिलें में यह व्याप्त है
लेटेराइट – दकन ट्रैप के क्षरण से बनी लेटेराइट कड़प्पा-समूह की चट्टानों से सम्बद्ध है और जशपुर-सामरी क्षेत्र को परिभाषित करती है।
एल्यूबियम – कद्दारी मिट्टी में पाया जाता हैं।
प्राकृतिक प्रक्षेत्र – प्राकृतिक (भौतिक) रूप से छत्तीसगढ़ को चार भागों में विभाजित किया जाता है- बघेलखंड का पठार, जशपुर-सामरी पाट प्रक्षेत्र, महानदी बेसिन तथा बस्तर का पठार। डॉ. राजीवलोचन सिंह इसे तीन प्रक्षेत्रों में विभाजित करते हैं- छोटा नागपुर का पठार (बघेलखंड-पठार तथा जशपुर सामरी पाट समाहित), महानदी का मैदानी भाग तथा दण्डकारण्य पठार (बस्तर पठार)। यहाँ सुविधा के लिये चतुर्विध वर्गीकरण को ही आधार बनाया गया है-
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