प्रकृति का जादू: आसमान में नाचती औरोरा बोरिएलिस से लेकर माउंट एवरेस्ट तक पृथ्वी के अद्भुत चमत्कार

इस धरती पर प्रकृति द्वारा निर्मित कितनी सारी संरचनाएँ ऐसी हैं, जिनको देखकर दाँतों तले उँगली दबाकर रह जाना पड़ता है। ऐसा लगता है कि जैसे स्रष्टा ने विशेष कलाकारिता के साथ इनका सृजन किया है।प्रस्तुत हैं सात ऐसे ही प्रकृति के शीर्ष आश्चर्य, जो पृथ्वी के विभिन्न कोनों में विद्यमान हैं और जिन्हें हर जिज्ञासु इनसान एक बार अवश्य देखना चाहेगा और उनमें निहित तथ्यों का अनुसंधान भी अवश्य करना चाहेगा।उत्तरी ध्रुव के क्षेत्रों के आसमान में तैरता-खेलता, नृत्य करता रंग-बिरंगा प्रकाश औरोरा बोरिएलिस एक ऐसा ही प्राकृतिक आश्चर्य है। अलौकिकता का स्पर्श करती यह अद्भुत रोशनी एक रोमन देवी के नाम पर है।यह पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव में रात के समय या प्रातः घटने वाली एक अद्भुत प्राकृतिक घटना है, जिसमें हरे-लाल और नीले रंग का प्रकाश आसमान में नर्तन करता है और जिसकी रोशनी से कुछ पलों के लिए पूरा आकाश जैसे पट जाता है।इसे पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध में अलास्का, कनाडा के उत्तरी भागों, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्वीडन और फिनलैंड में देखा जा सकता है। क्षेत्रीय लोग इसमें पितर आत्माओं की उपस्थिति को देखते हैं; जबकि वैज्ञानिकों के अनुसार यह रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल पर गैसीय कणों और सूर्य से आने वाले आवेशित कणों के टकराने से पैदा होती है।
जितना हम उत्तरी ध्रुव में आर्कटिक वृत्त की ओर बढ़ते हैं, उतना ही इस प्रकाश की सघनता बढ़ती जाती है। पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के कारण रोशनी लगातार अपना आकार बदलती रहती है। हालाँकि यह वर्ष भर प्रकट होती है, लेकिन सरदियों के अँधेरे आकाश में यह अधिक स्पष्टता से दृष्टिगोचर होती है। औरोरा बोरिएलिस का विस्तार 80 किलोमीटर से 640 किलोमीटर तक देखा गया है।इसी तरह 8848 मीटर या 29029 फीट ऊँचाई लिए विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत माउंट एवरेस्ट शीर्ष प्राकृतिक आश्चर्यों में शामिल है। हिमालयी क्षेत्र में स्थित इस पर्वत को नेपाल में सागरमाथा तथा तिब्बत में चोमोलूंगमा कहकर पुकारते हैं, जिसका शाब्दिक अर्थ विश्व की दिव्य मातृशक्ति से है। क्षेत्रीय लोगों के लिए यह एक बहुत पावन पर्वत है। इसका विस्तार नेपाल और तिब्बत में है, लेकिन इसकी चोटी नेपाल के भू-क्षेत्र में पड़ती है।ब्रिटेन के सर्वेयर जनरल जॉर्ज एवरेस्ट के नाम पर इस चोटी को माउंट एवरेस्ट कहा जाता है।
माना जाता है कि हिमालय की उत्पत्ति 5 करोड़ वर्ष पूर्व यूरेशियाई और भारतीय प्लेट के बीच टकराहट के परिणामस्वरूप प्राचीन टेथिस सागर के बीच से हुई थी और इसका उभार अभी भी जारी है।इसकी ऊँचाई प्रतिवर्ष 4 मिलीमीटर की दर से बढ़ रही है। यह पर्वत जहाँ पर्वतारोहियों के लिए एक मानक स्वप्न जैसा है तो वहीं वायुयान से इसके निकट से अवलोकन का एक रोमांच भरा आनंद लिया जा सकता है। साहसी पर्यटक इसके बैस कैंप तक ट्रैकिंग करते हैं व समीप से इसके विराट वैभव की झलक पाते हैं। नेपाल के किसी समीपस्थ पर्वतीयस्थल से भी माउंट एवरेस्ट के दूरदर्शन किए जा सकते हैं।दक्षिण अमेरिका के मेक्सिको में स्थित पारिकुटिन ज्वालामुखी भी विश्व के शीर्ष प्राकृतिक आश्चर्यों में शुमार है, जिसका कारण मनुष्य का इसके जन्म का साक्षी होना और इनके समक्ष इसका विकसित होना है। शंकु आकार का यह ज्वालामुखी 2800 मीटर की ऊँचाई लिए हुए है। यह उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे युवा ज्वालामुखी है।यह सन् 1943 में अस्तित्व में आया था, जब मक्के के समतल खेत से यह प्रकट हुआ था। इसके बाद इसमें लगातार 9 वर्षों तक विस्फोट होते रहे व यह लावा उगलता रहा और सन् 1952 में यहाँ अंतिम बार विस्फोट देखा गया और अब यह ज्वालामुखी शांत है और एक पर्यटकीय आकर्षण है। जमीन से 410 मीटर ऊपर इस ज्वालामुखी का कठोर लावा 16 वर्ग किमी० और इसकी ज्वालामुखी रेत 32 वर्गकिमी० के दायरे में फैली हुई है।
इसके लगभग 19 किमी० लंबे घेरे को पार करते हुए पैदल या घोड़े पर इसकी चोटी तक यात्रा की जा सकती है, जिसके मार्ग में रेतीले तट और लावा के जमे हुए प्रवाह को देखा जा सकता है।ग्रैंड कैन्यन अमेरिका के एरिजोना राज्य में स्थित प्राकृतिक संरचना का एक ऐसा खूबसूरत नजारा है, जो विश्व में अन्यत्र दुर्लभ है। 1.83 किमी० गहरी, 29 किमी० चौड़ी और 446 किमी० लंबी यह संरचना अमेरिका का सबसे बड़ा पर्यटकीय आकर्षण है। माना जाता है कि यह घाटी कोलोरेडो नदी के बहाव से लाखों वर्ष पहले बनी होगी।इसकी लाल रंग की परतदार चट्टानें न केवल अपनी अद्भुत सुंदरता के कारण चकित करती हैं, बल्कि इनकी गहराई व आकार भी लोगों को अचंभित करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस जगह की चट्टानें पृथ्वी के भूगर्भीय काल के कई राज खोल सकती हैं। मालूम हो कि यह घाटी ग्रैंड कैन्यन नेशनल पार्क से घिरी हुई है, जो अमेरिका के सबसे पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है।
कुछ लोग इसकी झलक मात्र से संतुष्ट हो जाते हैं, लेकिन शरीर से स्वस्थ व सबल लोग इसमें बनी कई पैदल पगडंडियों (हाइकिंग ट्रेल) में भ्रमण का आनंद ले सकते हैं, नदी में नौका विहार का लुत्फ भी ले सकते हैं; जबकि हेलीकॉप्टर में आसमान से इस अद्भुत रचना के दिग्दर्शन को जीवन के यादगार पलों में शामिल कर सकते हैं।दक्षिणी अफ्रीका में स्थित विक्टोरिया फॉल एक विराट जलप्रपात है, जो प्रकृति की एक अद्भुत संरचना है। इससे ऊँचे व चौड़े दूसरे जलप्रपात हो सकते हैं, लेकिन इसकी जलराशि का कोई सानी नहीं। इसकी चौड़ाई 1.7 किलोंमीटर है और ऊँचाई 108 मीटर है तथा हर मिनट इससे 50 करोड़ लीटर पानी झरता रहता है।इसकी विशालता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसे 50 किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता है। स्थानीय भाषा में इसे मोसी-ओ-तुन्या कहा जाता है। जाम्बिया और जिंबाबे की सीमा रेखाओं पर स्थित यह जलप्रपात जांबेजी नदी का निर्माण करता है। जिंबाबे की ओर से इसके सर्वश्रेष्ठ दर्शन किए जा सकते हैं, हालाँकि जांबिया की ओर से इसके नजदीकी दर्शन होते हैं।
साहसी लोग तो नाव में इसके गिरने के किनारे तक जा पहुँचते हैं। यह जलप्रपात इससे उठने वाले धुआँधार जल की छोटी-छोटी बूँदों के लिए जाना जाता है। यहाँ का नजारा तब विशेष रूप से दर्शनीय रहता है, जब इसके जलकणों में झिलमिलाते इंद्रधनुष देखने को मिलते हैं। बरसात के मौसम के बाद इसका नजारा विशेष रूप से दर्शनीय रहता है, जब इसमें जल की राशि पर्याप्त विशाल रहती है और मौसम भी खुशनुमा रहता है।अमेरिका के पूर्वी कैलिफोर्निया में स्थित डेथवैली भी प्रकृति का एक विलक्षण आश्चर्य है। कुछ इसे मौत की घाटी तो कुछ इसे नरक का द्वार तक कहते हैं। 31 लाख एकड़ विशाल क्षेत्र में फैली हुई यह घाटी उत्तरी अमेरिका का सबसे गरम और सूखा स्थल है। इसका तल सबसे नीचा है, जिसका सबसे निचला स्थल समुद्र तल से 46 मीटर अर्थात 282 फुट नीचे है। यहाँ का तापमान अपने चरम पर सत्तावन डिगरी सेंटीग्रेड तक भी मापा गया है।यह घाटी इसलिए अधिक गरम रहती है, क्योंकि इसकी सतह लाल रंग की चट्टानों की प्रधानता लिए हुए है। यह सतह गरमी को वापस तो भेज देती है, लेकिन वह घाटी से बाहर नहीं निकल पांती, जिस कारण घाटी की हवा बेहद गरम हो जाती है।
यहाँ की गरम हवा खड़ी पर्वत श्रृंखलाओं से घिरी हुई है, जो घाटी की गहराई में गरमी को रोक लेती हैं।ग्रेट बैरियर रीफ ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड के पूर्वोत्तर तट में फैली हुई दुनिया की सबसे बड़ी और विलक्षण मूँगे की चट्टानों के लिए प्रख्यात है, जो जीवों द्वारा निर्मित – विश्व की सबसे बड़ी एकल संरचना है। इसमें 3000 से अधिक व्यक्तिगत रीफ सिस्टम हैं।यह विश्व विरासत में सूचीबद्ध स्थलों में से एक है। इसे पृथ्वी का सबसे बड़ा प्राकृतिक आश्चर्य माना जाता है, जो 2600 किलोमीटर के दायरे में 344,400 वर्गकिमी० क्षेत्र तक फैला हुआ है तथा 900 से अधिक द्वीपों से मिलकर बना हुआ है।इस विशाल संचरना को आकाश से भी देखा जा सकता है। इसके आस-पास मछलियों की 15 सौ और व्हेल तथा डॉल्फिन की 30 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं। नाव के साथ इन शैलों का निकटता से दर्शन होता है। इसमें गोताखोरी भ्रमण के साथ मछलियों, प्रवाल और समुद्री जीवन के दिग्दर्शन किए जा सकते हैं।
यह क्षेत्र जैव-विविधता की दृष्टि से विश्व के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में से एक है। हालाँकि पर्यटकों की भीड़ एवं मौसम परिवर्तन की मार इस प्राकृतिक आश्चर्य पर पड़ रही * है, लेकिन इसके संरक्षण के प्रयास भी जारी हैं। ब्राजील में स्थित रियो डि जनेरियो का बंदरगाह सबसे गहरे जल का बंदरगाह है। ब्राजील के दक्षिण-पूर्व में स्थित यह प्राकृतिक संरचना जल की मात्रा के आधार पर विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक खाड़ी है, अतः इसे विश्व के सात प्राकृतिक आश्चर्यों में शामिल किया गया है।यह ग्रेनाइट पर्वतों और शुगर लोफ पर्वत, कोर्कोवडो चोटी और तिजुका पहाडियों जैसे कई शिखरों से घिरा हुआ है। यह अटलांटिक महासागर द्वारा अपरदन के फलस्वरूप तैयार हुआ बंदरगाह है। हेलीकॉप्टर में आकाशीय मार्ग से इसके विस्मयकारी दृश्यों का अवलोकन किया जा सकता है। इस बंदरगाह को इतने तरीकों से देखा जा सकता है कि यह हर बार अलग तरह से दिखाई देता है और देखने वाले को भ्रमित करता है। पहाड़ खाड़ी में प्रवेश द्वार बनाते हैं और इसे झील का रूप देते हैं।
हालाँकि सन् 1502 में जब पुर्तगाली खोजकर्त्ता यहाँ पहुँचे थे तो उनका मानना था कि खाड़ी एक नदी रही होगी और उन्होंने सम्मान के तौर पर इसे रियो डि जनेरियो अर्थात जनवरी की नदी का नाम दिया, क्योंकि वे जनवरी माह में यहाँ पहुँचे थे।इस प्राकृतिक आश्चर्य को देखने का पारंपरिक तरीका ग्रेनाइट चोटियों के शिखर से इसका विहंगावलोकन है। यहाँ से टापू में स्थित सुंदर समुद्री तट का दर्शनीय नजारा पेश होता है। विदित हो कि यहाँ कोर्कोवडो चोटी पर ईसामसीह की सबसे ऊँची भव्य प्रतिमा भी स्थित है।इस तरह पृथ्वी के विभिन्न कोनों में स्थित इन प्राकृतिक आश्चर्यों में विविधतापूर्ण सौंदर्य के दर्शन चकित करते हैं। ईश्वर की सृष्टि की ये अद्भुत संरचनाएँ हमें सोचने के लिए मजबूर करती हैं कि उन्होंने फुर्सत में इन्हें गढ़ा होगा और जिनको देखकर दर्शक उसकी कलाकारिता का लोहा मानने के लिए बाध्य होते हैं और यही नहीं, बल्कि उन कलाकृतियों के उस अप्रतिम सौंदर्य के दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव करते हैं।
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