
इंडिया : ऑपरेशन के दौरान अपने अंग खोने या किसी स्थायी विकलांगता का शिकार होने वाले सीएपीएफ अधिकारी और जवान सेवा में बने रहेंगे और उन्हें एकमुश्त मूल मौद्रिक पैकेज के अलावा उचित पदोन्नति और वेतन मिलेगा। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने रविवार को यह जानकारी दी। मोहन यहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 87वें स्थापना दिवस के अवसर पर बल कर्मियों को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है और उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में समिति अपनी सिफारिशों और योजना को लागू करने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप दे देगी। मोहन ने कहा, गृह मंत्रालय (एमएचए) ने फैसला किया है कि ऑपरेशन के दौरान अपने अंग खोने या शारीरिक रूप से अक्षम होने वाले जवानों और अधिकारियों को सेवा से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा, ऐसे कर्मियों को इन बलों की कुछ चुनिंदा इकाइयों में काम करने के लिए तैनात किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनके वेतन और भत्ते उनकी सेवानिवृत्ति तक जारी रहें। मोहन के अनुसार, ऐसे बहादुर कर्मियों के लिए सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा और वे अपनी सामान्य सेवानिवृत्ति तक गर्व से सेवा कर सकेंगे।
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