भारतीय ड्रोन तकनीक ने बदली युद्ध नीति, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज के बदलते दौर में रक्षा क्षेत्र में ड्रोन एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभरे हैं। ड्रोन अब उन क्षेत्रों में भी तैनात किए जा रहे हैं जहाँ बड़े उपकरण नहीं पहुँच सकते। रूस-यूक्रेन संघर्ष में ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में हमारी युद्ध नीति में ड्रोन को शामिल करना बेहद ज़रूरी हो गया है।
रक्षा मंत्री सिंह ने नोएडा में रैफ एमफाइबर प्राइवेट लिमिटेड के रक्षा उपकरण एवं इंजन परीक्षण केंद्र के उद्घाटन के बाद कहा कि नई तकनीक से यहाँ बने भारतीय ड्रोन को अमेरिका या चीन की रक्षा प्रणालियाँ भी नहीं पकड़ पाएंगी। इस कंपनी और डीआरडीओ के सहयोग से बने तीन उपकरणों का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर में भी किया गया था।
रक्षा मंत्री सिंह ने इस अवसर पर उपस्थित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सेक्टर-81 स्थित ड्रोन एवं रक्षा उपकरण निर्माण कंपनी के प्लांट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण केंद्र, पेलोड ड्रॉप ड्रोन, स्वार्म ड्रोन, प्रिसिशन-गाइडेड मिसाइल ड्रोन की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये देश की रक्षा क्षमता को और बढ़ाएँगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान केवल ड्रोन और विमानों पर केंद्रित है। जिन देशों ने ड्रोन तकनीक में निवेश किया है, उन्होंने इस क्षेत्र में बहुत बड़ी बढ़त हासिल की है।
ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुनिया को भारत की ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराया। सीएम योगी ने कहा कि पहले हमें नोएडा में होने वाले परीक्षणों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। दुश्मन हमारे डेटा पर कब्ज़ा करके हमें पंगु बनाने की कोशिश करता था।
सीएम योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश रक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, नौ इकाइयों में उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा चुनौती को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने देश के दो उभरते रक्षा विनिर्माण केंद्रों में से एक उत्तर प्रदेश को दिया है। इसके लिए राज्य में अलीगढ़, आगरा, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, लखनऊ में 6 चिह्नित स्थानों पर 12,500 एकड़ ज़मीन उपलब्ध कराई गई है। भविष्य में भी जितनी ज़मीन की ज़रूरत होगी, उतनी ज़मीन दी जाएगी।
लखनऊ की मुस्कान तब तक अधूरी रहती थी जब तक वहाँ से मिसाइल की आवाज़ दुश्मन के कानों तक नहीं पहुँचती थी। अब इसे और भी बेहतर तरीके से देखा जा सकता है।




