हरियाणा की बेटियों ने विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में लहराया परचम

विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में बेटियों के सुनहरे मुक्कों ने देश का नाम रोशन किया। मीनाक्षी ने 48 किलोग्राम भार वर्ग में और राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता जैस्मीन ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। दोनों पहली बार विश्व चैंपियन बनी हैं। वहीं, नूपुर श्योराण ने 80 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में रजत और 34 वर्षीय पूजा रानी ने 80 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता। चारों बेटियाँ हरियाणा की हैं। मीनाक्षी ने फाइनल में पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता कजाकिस्तान की नाज़िम किज़ाइबे को 4-1 से और जैस्मीन ने पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता पोलैंड की जूलिया स्ज़रमाटा को 4-1 के समान अंतर से हराया। अपनी तीसरी विश्व चैंपियनशिप में, 24 वर्षीय जैस्मीन को पहले राउंड में जूलिया ने कड़ी टक्कर दी। यह राउंड 2-3 से जूलिया के पक्ष में गया, लेकिन दूसरे और तीसरे राउंड में जैस्मीन ने जोरदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता।
मैरी कॉम (2002, 05, 06, 08, 10, 2018) निकहत ज़रीन (2022, 2023) सरिता देवी (2006) आरएल जेनी (2006) केसी लेखा (2006) नीतू (2023) लवलीना (2023) स्वीटी बोरा (2023) जैस्मीन (2025) मीनाक्षी (2025) पूजा हार गईं सेमीफाइनल में इंग्लैंड की एमिली एस्क्विथ को 1-4 से हराया। दिल्ली में 2023 में हुई पिछली वर्ल्ड चैंपियनशिप में बेटियों ने चार मेडल जीते थे, तब जैस्मीन क्वार्टर फाइनल में ही बाहर हो गई थीं। मीनाक्षी वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली देश की 10वीं बेटी बनीं। भारत ने इस चैंपियनशिप में दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज जीता था। पुरुषों को 12 साल बाद इस चैंपियनशिप में कोई मेडल नहीं मिला।
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