संखाहुली को अक्सर एक साधारण खरपतवार समझकर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, लेकिन इसमें कई फायदेमंद गुण होते हैं।

इसे कॉकलबर, छोटा धतूरा और हरनखुरी के नाम से भी जाना जाता है। संखाहुली में फेनोलिक एसिड, एंटीऑक्सीडेंट, एनाल्जेसिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो कई बीमारियों को दूर रखने में मदद करते हैं।

 संखाहुली स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और बालों को मजबूत बनाता है, जिससे बाल टूटना कम होता है। इसके फूलों और पत्तियों को पीसकर बालों में लगाया जा सकता है, और नारियल तेल में मिलाकर स्कैल्प की मालिश की जा सकती है।

 इसमें कोलेजन ज़्यादा मात्रा में होता है, जो नाखूनों की हेल्थ को बेहतर बनाता है। इसका पेस्ट स्किन के काले धब्बे हटाने में भी मददगार है।

 इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत करते हैं और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाते हैं।

संखाहुली को काढ़े के रूप में पिया जा सकता है, जो आर्थराइटिस और हड्डियों के दर्द से राहत देता है। संखाहुली का पेस्ट झुर्रियों को कम करके स्किन को जवान रखता है।