अंटार्कटिका में हेक्टोरिया ग्लेशियर का रिकॉर्ड टूटना — दो महीनों में आधी बर्फ गायब

अंटार्कटिका के हेक्टोरिया ग्लेशियर ने केवल दो महीनों में अपनी लगभग आधी बर्फ खो दी है। यह अब तक का सबसे तेज़ और सबसे चौंकाने वाला हिमनद पतन है। कोलोराडो बोल्डर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध से पता चला है कि ग्लेशियर अपने नीचे की सपाट चट्टानी सतह के कारण अचानक तैरने लगा और कुछ ही हफ़्तों में आठ किलोमीटर पीछे हट गया। यह घटना जलवायु परिवर्तन और समुद्र के बढ़ते स्तर के लिए एक गंभीर वैश्विक संकेत है। वैज्ञानिक इस बात पर सहमत हैं कि केवल दो महीनों में एक हिमखंड का टूटना एक गंभीर समस्या है। पूर्वी अंटार्कटिका में स्थित हेक्टोरिया ग्लेशियर 2023 की शुरुआत में केवल दो महीनों में 115 वर्ग मील बर्फ खो देगा, जो एक नई चेतावनी है।
नेचर जियोसाइंस में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वैज्ञानिकों ने विभिन्न उपग्रहों से प्राप्त आंकड़ों को मिलाकर पूरी घटना का विश्लेषण किया। यदि उपग्रह चित्र तीन महीने के अंतराल पर लिए गए होते, तो इस तीव्र परिवर्तन का पता नहीं चलता। CIRES के प्रमुख शोधकर्ता ने कहा, “जब हमने 2024 की शुरुआत में इस जगह को पहली बार देखा, तो हमें अपनी आँखों पर विश्वास करना मुश्किल था।” वैज्ञानिक समुदाय इस घटना को पृथ्वी की जलवायु प्रणाली में अस्थिरता के स्पष्ट संकेत के रूप में देख रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह न केवल अंटार्कटिका की बर्फ की चादर के भविष्य के लिए चिंता का विषय है।
नए खबरों के लिए बने रहे सटीकता न्यूज के साथ।




