श्रीनगर नौगाम विस्फोट: आतंक नहीं, दुर्घटना! गृह मंत्रालय का बड़ा बयान

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात हुआ विस्फोट एक दुर्घटना थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसमें आतंकवादियों की किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है। यह विस्फोट उस समय हुआ जब फोरेंसिक विशेषज्ञ हरियाणा के फरीदाबाद से बरामद विस्फोटकों के नमूने एकत्र कर रहे थे। इस बीच, विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है और 27 पुलिसकर्मियों सहित 32 लोग घायल हुए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवादी संगठन पीपुल्स एंटी-फासीस्ट फ्रंट (पीएएफएफ) द्वारा विस्फोट की जिम्मेदारी लेने के ऑनलाइन दावे को झूठा और शरारती बताते हुए खारिज कर दिया। पुलिस ने कहा कि यह दावा निराधार है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रशांत लोखंडे ने कहा कि विस्फोटक के नमूने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
विस्फोटक की अस्थिर और संवेदनशील प्रकृति के कारण, विशेषज्ञों की देखरेख में काम चल रहा था, तभी शुक्रवार रात लगभग 11:20 बजे आकस्मिक विस्फोट हुआ। लोखंडे ने स्पष्ट किया कि कारण का पता लगाने के लिए जांच चल रही है और अन्य अटकलें पूरी तरह से निराधार हैं। ये विस्फोटक 9-10 नवंबर को फरीदाबाद में छापेमारी के दौरान बरामद किए गए थे। यह ज़खीरा एक पिकअप ट्रक में छोटे-छोटे बैगों में भरकर लाया गया था। शीर्ष अधिकारी ने बताया कि विस्फोटकों को पूरे प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कश्मीर लाया गया। यह पूछे जाने पर कि विस्फोटकों को नौगाम क्यों लाया गया, अधिकारी ने बताया कि चूँकि आतंकवादी नेटवर्क से जुड़ा मूल मामला नौगाम पुलिस स्टेशन में दर्ज था, इसलिए ज़ब्त किए गए विस्फोटकों को वहाँ ले जाया गया।
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