
एजेंसियां/ भारत । बुधवार को EOW (इकोनॉमिक ऑफेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अतुल सिंह, मुकेश मनचंदा, दीपेन चावड़ा समेत पूर्व आबकारी सचिव/कमिश्नर निरंजन दास के खिलाफ सातवां सप्लीमेंट्री चालान पेश किया। चालान स्पेशल कोर्ट (प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट), रायपुर के सामने पेश किया गया। फिलहाल, सभी 6 आरोपी रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि शराब घोटाला मामले में अब तक कुल 50 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जल्द ही फाइनल चालान पेश करने का निर्देश दिया है।
EOW ने अपनी सातवीं चार्जशीट में खुलासा किया कि जांच में पता चला कि आबकारी विभाग में अपने तीन साल के कार्यकाल के दौरान निरंजन दास ने आबकारी नीति और नियमों में कई गैर-जरूरी और व्यक्तिगत-लाभकारी बदलाव किए, डिपार्टमेंटल टेंडर की शर्तों में हेरफेर की और जानबूझकर प्रशासनिक गड़बड़ियां कीं। शराब घोटाले का एक और आरोपी दीपेन चावड़ा, जो सिंडिकेट से बड़े अधिकारियों तक बड़ी रकम पहुंचाने के लिए ज़िम्मेदार था, उसने फंड को छिपाने और सुरक्षित रखने में भूमिका निभाई। दीपेन चावड़ा अनवर ढेबर का दोस्त है और पहले होटल वेलिंगटन कोर्ट का मैनेजर था। दीपेन चावड़ा की भूमिका में हवाला ट्रांजैक्शन, गैर-कानूनी ट्रांजैक्शन और कंपनी अखर एग्रो के ज़रिए ज़मीन और दूसरी प्रॉपर्टी में करोड़ों रुपये का इन्वेस्टमेंट शामिल था। EOW ने कहा कि फरवरी 2020 में इनकम टैक्स रेड के दौरान, दीपेन चावड़ा ने सिंडिकेट के लिए ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा का कैश और सोना इकट्ठा किया और उसे हैंडल किया, उन्हें अलग-अलग जगहों पर सुरक्षित रखा और अनवर के कहने पर ट्रांसपोर्ट किया। उसने दूसरे डिपार्टमेंट से गैर-कानूनी तरीके से वसूले गए फंड को इकट्ठा करने, संभालने और ट्रांसपोर्ट करने में भी अहम भूमिका निभाई।
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