
Chhattisgarh ।. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की। इस बार ED ने भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत ज़मीन घोटाले के सिलसिले में राजधानी और महासमुंद समेत नौ जगहों पर छापा मारा। ये छापे रायपुर में एक महिला तहसीलदार (राजस्व अधिकारी) के पति और ज़मीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा और महासमुंद में होंडा शोरूम के मालिक जसबीर सिंह बग्गा, उनके कथित साथियों, कुछ सरकारी अधिकारियों और ज़मीन के लेन-देन में शामिल लोगों के ठिकानों पर मारे गए। ED की टीम रायपुर की ला विस्टा सोसाइटी में हरमीत सिंह खनूजा के हाउस नंबर 118 और महासमुंद की मेघ बसंत सोसाइटी में उनके भाई जसबीर सिंह बग्गा के घर की जांच कर रही है। अपने प्रेस नोट में ED ने बताया कि ED रायपुर ज़ोनल ऑफिस छत्तीसगढ़ के रायपुर और महासमुंद में कुल नौ ठिकानों पर तलाशी और ज़ब्ती अभियान चला रहा है। यह कार्रवाई भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए ज़मीन अधिग्रहण में मुआवज़े के भुगतान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की जा रही है।
भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवज़ा घोटाले का मुद्दा राज्य विधानसभा के पिछले बजट सत्र में प्रमुखता से उठाया गया था, जब विभागीय मंत्री ने EOW-ACB (आर्थिक अपराध शाखा-भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) द्वारा जांच की घोषणा की थी। EOW-ACB ने 25 अप्रैल, 2025 को इस मामले में एक दर्जन से ज़्यादा राजस्व अधिकारियों और ज़मीन डीलरों के खिलाफ कार्रवाई की थी। जांच एजेंसी ने NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुमति मांगी थी, लेकिन यह अनुमति नहीं दी गई। जब राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी गई, तो रायपुर कमिश्नर ने केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी, जिसके बाद ED सक्रिय हो गया। जिन सभी लोगों के ठिकानों पर ED ने छापा मारा है, वे फिलहाल हाईकोर्ट से मिली ज़मानत पर बाहर हैं।
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