नोटिफ़ाएबल बीमारी क्या होती है? दिल्ली सरकार का रेबीज को लेकर बड़ा फैसला

यह क्या है?
नोटिफ़ाएबल बीमारियाँ ऐसी संक्रामक बीमारियाँ हैं जिनके बारे में डॉक्टरों को कानूनी तौर पर स्वास्थ्य अधिकारियों को रिपोर्ट करना ज़रूरी होता है।
यह खबरों में क्यों है?
दिल्ली सरकार रेबीज को नोटिफ़ाएबल बीमारी घोषित करने जा रही है।
महामारी फैलने की शुरुआती चेतावनी
नोटिफ़ाएबल बीमारियों की रिपोर्टिंग से स्वास्थ्य अधिकारी संक्रमण को फैलने से रोक पाते हैं, बीमारियों के फैलने की शुरुआती चेतावनी मिलती है, और संसाधनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित होता है। किसी बीमारी को उसकी फैलने की क्षमता, गंभीरता और राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय खतरा पैदा करने की क्षमता के आधार पर नोटिफ़ाएबल घोषित किया जाता है।
भारत में बीमारियों की सूची
भारत में बीमारी की रिपोर्टिंग का कानूनी ढांचा एपिडेमिक डिजीज एक्ट, 1897 द्वारा नियंत्रित होता है, जबकि WHO के अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम, 1969 इसे अनिवार्य बनाते हैं। इस सूची में एड्स, डेंगू, मलेरिया, तपेदिक, हैजा, रेबीज, खसरा, इन्फ्लूएंजा, चेचक, डिप्थीरिया, हेपेटाइटिस आदि बीमारियाँ शामिल हैं।
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