विज्ञान

तारों के बिना गैलेक्सी! हबल ने खोजी डार्क मैटर से भरी रहस्यमयी ‘क्लाउड-9’

ब्रह्मांड की चमकदार गैलेक्सी से परे एक अंधेरी दुनिया है जहाँ तारे कभी बने ही नहीं। NASA और यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने पहली बार एक रहस्यमयी खगोलीय संरचना की पहचान की है, जिसमें डार्क मैटर का दबदबा है और तारे नहीं हैं, जिसे ‘क्लाउड-9’ नाम दिया गया है। यह एक डार्क मैटर से भरा गैस का बादल है जिसमें एक भी तारा नहीं है। वैज्ञानिक इसे शुरुआती ब्रह्मांड की एक नाकाम गैलेक्सी मानते हैं – एक शुरुआती बिल्डिंग ब्लॉक जो कभी रोशन नहीं हुआ। ESA के अनुसार, लगभग तीन साल पहले, चीन के विशाल FAST रेडियो टेलीस्कोप ने एक असामान्य हाइड्रोजन गैस के बादल का पता लगाया था।

बाद में इसकी पुष्टि ग्रीन बैंक टेलीस्कोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में वेरी लार्ज एरे ने की। रेडियो डेटा ने साफ तौर पर गैस की मौजूदगी दिखाई, लेकिन यह साफ नहीं था कि गैस के अंदर कोई तारे थे या नहीं। यहीं पर हबल स्पेस टेलीस्कोप ने एक अहम भूमिका निभाई। मिलान में मिलानो-बिकोका यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक एलेजांद्रो बेनिटेज़-लंबाय के अनुसार, यह एक नाकाम गैलेक्सी की कहानी है। यहाँ तारों की गैरमौजूदगी इस बात का सबूत है कि हमने ब्रह्मांड के शुरुआती चरणों से एक ऐसे बिल्डिंग ब्लॉक की खोज की है जो कभी पूरी गैलेक्सी नहीं बन पाया। वैज्ञानिक एंड्रयू कहते हैं कि क्लाउड-9 अंधेरे ब्रह्मांड को समझने के लिए एक खिड़की की तरह है। माना जाता है कि ब्रह्मांड का ज़्यादातर द्रव्यमान डार्क मैटर से बना है, लेकिन यह न तो चमकता है और न ही सीधे दिखाई देता है।

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