78 साल की उम्र में कमाल: इंदौर की दादी ने M.A. में टॉप कर जीता गोल्ड मेडल

Senior Reporter India | 25 जून 2019 को इंदौर से आई एक प्रेरणादायक खबर ने यह साबित कर दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की छात्रा सुषमा प्रदीप मोघे ने 78 वर्ष की आयु में मराठी विषय में परास्नातक की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान हासिल कर सबको हैरान कर दिया।
विश्वविद्यालय के Convocation के दौरान मंगूभाई पटेल ने उन्हें मराठी में M.A. में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर Gold Medal से सम्मानित किया। इस खास पल पर मोघे ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि इस उम्र में वह मराठी साहित्य में M.A. कर पाएंगी। जब उन्हें इस पाठ्यक्रम की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत अवसर का लाभ उठाने का निर्णय लिया।
उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद जीवन में जो खालीपन आ गया था, उसे पढ़ाई ने भर दिया। शिक्षकों के सहयोग को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें Online और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भरपूर मार्गदर्शन मिला।
मोघे के अनुसार मराठी उनकी मातृभाषा है और उन्हें साहित्य से विशेष लगाव है। वर्तमान में वह प्रसिद्ध हिंदी लेखकों की रचनाओं का मराठी भाषा में अनुवाद कर रही हैं। उनका मानना है कि जीवन में समय का सही उपयोग करना चाहिए और निरंतर पढ़ते रहना चाहिए, क्योंकि ज्ञान की दुनिया असीमित है।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राकेश सिंघई ने भी उनके जज़्बे की सराहना करते हुए कहा कि इस उम्र में M.A. परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करना न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय भी है।
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