प्रयागराज कोर्ट का बड़ा आदेश: शंकराचार्य और शिष्य पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच के निर्देश

Senior Reporter India | प्रयागराज स्थित इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। अदालत ने पुलिस को शिष्य के विरुद्ध FIR दर्ज करने का भी आदेश दिया है।
यह आदेश स्पेशल POCSO कोर्ट के न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने उस याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया, जो एक धार्मिक नेता के शिष्य द्वारा दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ता दो नाबालिग बच्चों का अभिभावक है। शिकायत में कहा गया है कि माघ मेले के दौरान ‘गुरु सेवा’ के नाम पर दोनों बच्चों के साथ कथित तौर पर यौन शोषण किया गया।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर से विस्तृत Report मांगी है। पीड़ित बच्चों के बयान भी कोर्ट में दर्ज किए जा चुके हैं। अपने 14 पृष्ठों के आदेश में न्यायालय ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर पीड़ितों और आरोपियों की मेडिकल जांच भी कराई जा सकती है।
कोर्ट ने अपने आदेश में उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है। न्यायालय ने यह भी कहा कि यह प्रकरण गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा से जुड़ा है, इसलिए सच्चाई सामने लाना न्यायहित में जरूरी है।
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