
India।/ Report. राज्य की विष्णु सरकार ने 28 फरवरी 2026 को बिलासपुर जिले के रहंगी (बिल्हा) स्थित खेल मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के कई बड़े ऐलान किए। सरकार ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से किसानों के खातों में ₹1.50 लाख करोड़ से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है।
धान खरीदी के मोर्चे पर भी रिकॉर्ड स्थापित किया गया। वर्ष 2025-26 में लगभग 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदी का लाभ मिला। साथ ही, दलहन, तिलहन, मक्का, कपास और कोदो-कुटकी-रागी जैसी फसलों के लिए प्रति एकड़ ₹11,000 की इनपुट सब्सिडी देने की व्यवस्था की गई।
सरकार के अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत अब तक ₹33,431 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। वहीं, PM Kisan योजना के अंतर्गत दो वर्षों में 26 लाख किसानों को ₹10,784 करोड़ की सहायता दी गई।
खाद की खपत के आंकड़ों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खरीफ सीजन 2023-24 से 2025-26 के बीच लाखों मीट्रिक टन उर्वरक का उपयोग हुआ, जिससे उत्पादन क्षमता में इजाफा हुआ है।
‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत राज्य के सभी 146 विकासखंडों में आदान सहायता वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस चरण में 25.28 लाख किसानों के खातों में ₹10,324 करोड़ की सहायता राशि भेजी जा रही है।
बजट 2026-27 में कृषि क्षेत्र को और मजबूती देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के लिए ₹600 करोड़, विद्युत पंपों की बिजली सब्सिडी हेतु ₹5,500 करोड़, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए ₹820 करोड़ और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को ₹250 करोड़ का अनुदान तय किया गया है। इसके अलावा उद्यानिकी विश्वविद्यालय, एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम और एकीकृत बागवानी विकास मिशन के लिए भी सैकड़ों करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के जरिए खेती को अधिक लाभकारी, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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