शिक्षा

UPSC 2025 में छत्तीसगढ़ के 5 युवाओं का कमाल, प्रदेश का बढ़ाया गौरव

रायपुर, रायगढ़, धमतरी और मनेंद्रगढ़ के युवाओं ने सिविल सेवा परीक्षा में पाई बड़ी सफलता

Report : संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित UPSC Civil Services Examination 2025 के परिणाम में छत्तीसगढ़ के पांच प्रतिभाशाली युवाओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। इन सफल उम्मीदवारों में Vaibhavi Agrawal, Raunak Agrawal, Sanjay Dahariya, Darshana Singh और Diamond Singh Dhruv शामिल हैं।

रायपुर की वैभवी अग्रवाल ने इस परीक्षा में 35वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। वहीं रायगढ़ जिले के खरसिया के रहने वाले रौनक अग्रवाल को 772वीं रैंक प्राप्त हुई। महासमुंद जिले के बेलटुकरी गांव के संजय डहरिया ने 946वीं रैंक हासिल की। इसके अलावा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर क्षेत्र की दर्शना सिंह को 283वीं और धमतरी जिले के परसवानी गांव के डायमंड सिंह ध्रुव को 623वीं रैंक मिली है।

रौनक अग्रवाल मूल रूप से खरसिया के निवासी हैं, लेकिन वे रायपुर के लोधीपारा इलाके में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। यह उनका तीसरा प्रयास था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र से पूरी की और बाद में Indian Institute of Technology Kanpur से भौतिकी विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। फिलहाल वे Employees’ Provident Fund Organisation में लेखाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और मित्रों को दिया है।

जनकपुर क्षेत्र की दर्शना सिंह ने 283वीं रैंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनके पिता अरुण सिंह राशन दुकान संचालक हैं, जबकि उनकी माता सीमा सिंह नगर पंचायत जनकपुर में पार्षद हैं। उनकी इस सफलता से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इस रैंक के आधार पर उनका चयन IPS सेवा के लिए होने की संभावना जताई जा रही है।

धमतरी जिले के परसवानी गांव के रहने वाले डायमंड सिंह ध्रुव ने 623वीं रैंक हासिल की है। उनकी माता शिक्षिका हैं। डायमंड का चयन पहले ही Chhattisgarh Public Service Commission 2025 में DSP पद के लिए हो चुका है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मगरलोड के सरस्वती शिशु मंदिर से प्राप्त की और आगे की पढ़ाई रायपुर के रेडियंट पब्लिक स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने Banaras Hindu University से स्नातक और Jawaharlal Nehru University से स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की।

महासमुंद जिले के बेलटुकरी गांव के संजय डहरिया की कहानी भी काफी प्रेरणादायक है। उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़कर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। तीसरे प्रयास में उन्हें सफलता मिली। उनके पिता किसान हैं और माता गृहिणी हैं। संजय ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में प्राप्त की और आगे की पढ़ाई नवोदय विद्यालय माना तथा महासमुंद कॉलेज से स्नातक किया। खास बात यह है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत से यह सफलता हासिल की।

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