असम में सुखोई-30 विमान हादसा, दो जांबाज पायलटों की मौत से देश शोक में
प्रशिक्षण उड़ान के दौरान रडार से गायब हुआ Fighter Jet, वायुसेना ने हादसे की जांच के आदेश दिए

Report : नई दिल्ली। असम के कार्बी आंगलोंग जिले में भारतीय वायुसेना का एक Fighter Jet सुखोई-30 एमकेआई दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दो पायलटों की दर्दनाक मौत हो गई। वायुसेना ने शुक्रवार को पुष्टि करते हुए बताया कि स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर इस हादसे में शहीद हो गए।
जानकारी के अनुसार यह विमान बृहस्पतिवार को जोरहाट एयरबेस से नियमित प्रशिक्षण मिशन के लिए उड़ा था। उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही यह अचानक रडार से गायब हो गया और शाम लगभग 7 बजकर 42 मिनट पर उससे संपर्क पूरी तरह टूट गया।
भारतीय वायुसेना मुख्यालय ने इस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए Investigation कमेटी बनाने का आदेश दिया है। यह लड़ाकू विमान तेजपुर स्थित वायुसेना स्क्वाड्रन का हिस्सा था और प्रशिक्षण मिशन पर था।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर हाल ही में अपने परिवार से मिलने नागपुर गए थे। उनके पिता रविंद्र दुरागकर ने बताया कि बेटे से उनकी आखिरी बातचीत बुधवार को फोन पर हुई थी। महज 28 वर्ष के पुरवेश ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में भी हिस्सा लिया था।
वहीं स्क्वाड्रन लीडर अनुज के निधन की खबर मिलते ही गुरुग्राम के सेक्टर-22बी स्थित उनके घर पर रिश्तेदारों और दोस्तों का जमावड़ा लग गया। अनुज मूल रूप से हरियाणा के भिवानी जिले के निवासी थे और उनके परिवार में जल्द होने वाली शादी की तैयारियां चल रही थीं।
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए शहीद पायलटों को श्रद्धांजलि दी। वहीं Himanta Biswa Sarma ने भी दोनों पायलटों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और इसे देश के लिए बड़ी क्षति बताया।
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