सरकार का बड़ा फैसला: इस साल 3.03 करोड़ टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय
रिकॉर्ड बुवाई और अनुकूल मौसम से उत्पादन बढ़ने की उम्मीद, किसानों की आय में भी होगा इजाफा

Report | New Delhi से जारी जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने इस वर्ष किसानों से बड़े पैमाने पर गेहूं खरीदने की योजना बनाई है। रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए सरकार ने करीब 3.03 करोड़ टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह निर्णय खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग की उस बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता विभाग के सचिव ने की और जिसमें विभिन्न राज्यों के खाद्य सचिव शामिल हुए।
सरकार आमतौर पर गेहूं की अधिकतर खरीद अप्रैल से जून के बीच करती है, जबकि अन्य फसलों की खरीद प्रक्रिया मार्च तक जारी रहती है। अधिकारियों के अनुसार 2025-26 की रबी फसल के लिए धान की खरीद चावल के बराबर लगभग 76 लाख टन रहने का अनुमान है। इसके अलावा राज्यों द्वारा मिलेट्स यानी श्री अन्न सहित मोटे अनाज की करीब 7,79,000 टन खरीद होने की संभावना जताई गई है।
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इस बार खरीद बढ़ने से किसानों की आमदनी में भी सुधार होगा। इसी के साथ सरकार पांच राज्यों में उन्नत चावल की आपूर्ति के लिए एक Pilot Project भी चला रही है, जिसमें 10 प्रतिशत तक टूटे दानों वाले चावल को शामिल किया गया है।
इसके अलावा Andhra Pradesh में अनाज की पैकेजिंग पर क्यूआर कोड टैगिंग का प्रयोग सफल रहा है और अब इस System को अन्य राज्यों में भी लागू करने की तैयारी की जा रही है।
इस बीच भारत ने फरवरी में गेहूं और उससे बने उत्पादों के निर्यात पर लगा लगभग चार साल पुराना प्रतिबंध भी हटा दिया है। शुरुआती चरण में करीब 25 लाख टन गेहूं और 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी गई है।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार गेहूं का उत्पादन पिछले वर्ष के 11.794 करोड़ टन के रिकॉर्ड को भी पार कर सकता है। करीब 3.34 करोड़ हेक्टेयर में रिकॉर्ड बुवाई और अनुकूल मौसम के कारण उत्पादन 12 करोड़ टन तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं Food Corporation of India के पास 1 अप्रैल तक लगभग 1.82 करोड़ टन गेहूं का भंडार रहने का अनुमान है, जिससे देश में खाद्य सुरक्षा मजबूत बनी रहेगी।
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