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वजन घटाने वाली दवाओं पर नई रिसर्च: Ozempic और Wegovy से हड्डियों और जोड़ों पर पड़ सकता है असर

स्टडी में संकेत—GLP-1 दवाओं से वजन कम करने के फायदे तो हैं, लेकिन लंबे समय में बोन हेल्थ पर हल्का जोखिम भी बढ़ सकता है।

हाल ही में सामने आई एक स्टडी में यह संकेत मिला है कि वजन घटाने और डायबिटीज कंट्रोल में इस्तेमाल होने वाली GLP-1 कैटेगरी की दवाएं कुछ लोगों में हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं का खतरा थोड़ा बढ़ा सकती हैं। इनमें ऑस्टियोपोरोसिस, गाउट और ऑस्टियोमैलेशिया जैसी स्थितियां शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब शरीर का वजन तेजी से कम होता है, तो इसका असर मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम पर पड़ सकता है। अचानक वजन घटने से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है, जो गाउट की वजह बनता है। इसके अलावा, वजन कम करने के दौरान भोजन और पोषण में कमी भी इस समस्या में भूमिका निभा सकती है।

GLP-1 दवाएं शरीर में मौजूद GLP-1 हार्मोन की तरह काम करती हैं। यह हार्मोन भूख कम करता है, पाचन प्रक्रिया को धीमा करता है और इंसुलिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। इसी कारण इन दवाओं को Receptor एगोनिस्ट भी कहा जाता है, क्योंकि ये शरीर के सेल रिसेप्टर पर हार्मोन की तरह प्रतिक्रिया पैदा करती हैं।

इस स्टडी में करीब 73,000 से ज्यादा लोगों के हेल्थ रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। इन लोगों ने GLP-1 दवाओं का इस्तेमाल शुरू करने के लगभग पांच साल बाद का डेटा उपलब्ध कराया। उनकी तुलना उतने ही ऐसे लोगों से की गई जिन्होंने ये दवाएं नहीं ली थीं। दोनों समूहों को उम्र, लिंग, BMI और अन्य स्वास्थ्य कारकों के आधार पर समान रखा गया।

विश्लेषण से पता चला कि जो लोग सेमाग्लूटाइड, लिराग्लूटाइड, डुलाग्लूटाइड या एक्सेनाटाइड जैसी दवाएं ले रहे थे, उनमें कुछ बीमारियों का खतरा थोड़ा ज्यादा पाया गया। उदाहरण के तौर पर ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा लगभग 0.9 प्रतिशत, गाउट का खतरा 0.8 प्रतिशत और ऑस्टियोमैलेशिया का खतरा करीब 0.1 प्रतिशत अधिक देखा गया।

हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अध्ययन किसी बीमारी का सीधा कारण साबित नहीं करता। कई ऐसे कारक भी हो सकते हैं जिन्हें इस विश्लेषण में शामिल नहीं किया गया, जैसे लोगों की डाइट, शारीरिक गतिविधि और जीवनशैली।

फिर भी यह संबंध सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण माना गया है और इस पर आगे और रिसर्च की जरूरत बताई गई है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि जिन लोगों को पहले से हड्डियों की समस्या का खतरा है, उनके लिए डॉक्टरों को नियमित बोन हेल्थ मॉनिटरिंग पर ध्यान देना चाहिए।

दिलचस्प बात यह है कि इसी सम्मेलन में पेश की गई एक दूसरी स्टडी में पाया गया कि GLP-1 दवा लेने वाले कई मरीजों में हिप और घुटने की सर्जरी के बाद रिकवरी बेहतर देखी गई। इससे यह साफ होता है कि इन दवाओं के फायदे और संभावित जोखिम दोनों पहलुओं को समझना जरूरी है।

पिछले कुछ समय में कुछ रिसर्च ने इन दवाओं को आंखों की समस्याओं, पैंक्रियास से जुड़ी दिक्कतों और मसल लॉस के हल्के बढ़े जोखिम से भी जोड़ा है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दवाओं के फायदे और नुकसान के संतुलन को पूरी तरह समझने के लिए अभी और लंबे समय के डेटा की जरूरत है।

यह शोध American Academy of Orthopaedic Surgeons की 2026 की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया था।

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