नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले ड्रग्स बढ़ा सकते हैं स्ट्रोक का खतरा, बड़ी रिसर्च में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की बड़ी स्टडी में खुलासा – एम्फ़ैटेमिन, कोकेन और कैनाबिस का सेवन दिमाग की नसों को नुकसान पहुंचाकर स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा सकता है।

मनोरंजन या नशे के उद्देश्य से इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ ड्रग्स से जुड़ी एक बड़ी research में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम सामने आए हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ऐसे पदार्थों का सेवन करने से स्ट्रोक होने की संभावना काफी बढ़ सकती है। खासतौर पर एम्फ़ैटेमिन, कोकेन और कैनाबिस जैसे ड्रग्स दिमाग की रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकते हैं।
ब्रिटेन की University of Cambridge के वैज्ञानिकों ने कई पुरानी स्टडीज़ का विश्लेषण किया, जिसमें 10 करोड़ से अधिक लोगों से जुड़े हेल्थ डेटा को शामिल किया गया। इस बड़े analysis में पाया गया कि जो लोग मनोरंजन के लिए ड्रग्स लेते हैं, उनमें स्ट्रोक का खतरा उन लोगों की तुलना में अधिक होता है जो इन पदार्थों का सेवन नहीं करते।
रिपोर्ट के अनुसार, एम्फ़ैटेमिन लेने वालों में सबसे ज्यादा जोखिम देखा गया। ये शक्तिशाली और लत लगाने वाले नर्वस सिस्टम स्टिमुलेंट होते हैं, जिन्हें कई जगहों पर ‘मेथ’ या ‘आइस’ के नाम से भी जाना जाता है। कई स्टडीज़ के संयुक्त डेटा से पता चला कि एम्फ़ैटेमिन का सेवन सभी आयु वर्गों में स्ट्रोक के खतरे को दो गुना से भी अधिक बढ़ा सकता है। 55 वर्ष से कम उम्र के लोगों में यह जोखिम लगभग तीन गुना तक बढ़ सकता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, एम्फ़ैटेमिन का उपयोग इस्केमिक स्ट्रोक (जहां दिमाग में खून का थक्का बन जाता है) की संभावना को करीब 137 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। वहीं, हेमोरेजिक स्ट्रोक यानी दिमाग की रक्त वाहिका फटने का खतरा भी लगभग 183 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
कोकेन के प्रभाव भी काफी गंभीर पाए गए। इस ड्रग के उपयोग से किसी भी प्रकार के स्ट्रोक का खतरा लगभग दोगुना हो सकता है, जबकि दिमाग में रक्तस्राव वाले स्ट्रोक का जोखिम इससे भी अधिक बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोकेन ब्लड प्रेशर को तेजी से बढ़ा देता है और रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है, जिससे समय के साथ खून के थक्के बनने की संभावना बढ़ सकती है।
कैनाबिस के मामले में जोखिम अपेक्षाकृत कम पाया गया, लेकिन यह पूरी तरह सुरक्षित भी नहीं है। कई स्टडीज़ के विश्लेषण में सामने आया कि कैनाबिस का उपयोग किसी भी तरह के स्ट्रोक के जोखिम को लगभग 16 प्रतिशत और खास तौर पर इस्केमिक स्ट्रोक के खतरे को लगभग 39 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है।
हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति में यह जोखिम अलग-अलग हो सकता है। किसी व्यक्ति के लिए खतरे का स्तर उसके इस्तेमाल की मात्रा, उम्र, स्वास्थ्य, जेनेटिक्स, खान-पान और जीवनशैली जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि अवैध ड्रग्स का सेवन स्ट्रोक के उन जोखिम कारकों में शामिल है जिन्हें रोका जा सकता है। इसलिए युवाओं को इन पदार्थों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है।
यह अध्ययन प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल International Journal of Stroke में प्रकाशित किया गया है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि भविष्य में और गहराई से रिसर्च करने की आवश्यकता है, ताकि यह समझा जा सके कि इन पदार्थों का दिमाग और रक्त वाहिकाओं पर प्रभाव किस प्रकार पड़ता है।
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