LPG संकट से केरल में बंद हो रहे होटल-रेस्तरां, प्रवासी श्रमिक ईद और चुनाव से पहले लौटने लगे घर
ईंधन की कमी से आतिथ्य क्षेत्र प्रभावित, असम और पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले मजदूरों की वापसी तेज

Report| कोच्चि। केरल में एलपीजी की कमी का असर अब होटल और रेस्तरां उद्योग पर साफ दिखाई देने लगा है। ईंधन संकट के चलते राज्य के कई इलाकों में बड़ी संख्या में होटल और रेस्तरां बंद हो रहे हैं। इसके कारण यहां काम करने वाले प्रवासी श्रमिक ईद और कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं।
रमजान का पवित्र महीना समाप्ति की ओर है और इसी दौरान पश्चिम बंगाल तथा असम में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं। ऐसे में कई श्रमिक अपने-अपने राज्यों में वापस जाने की तैयारी कर रहे हैं।
केरल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (KHRA) के प्रदेश अध्यक्ष जी. जयपाल ने बताया कि इन दोनों राज्यों से बड़ी संख्या में मजदूर केरल के होटल और रेस्तरां में काम करते हैं। उनके अनुसार, चुनाव से लगभग एक सप्ताह पहले ही इन राज्यों के श्रमिक घर लौटने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एलपीजी की कमी के कारण कई होटल और रेस्तरां बंद हो रहे हैं, जिससे कर्मचारियों के पास काम कम हो गया है। इसी वजह से प्रवासी श्रमिक जल्दी अपने मूल स्थानों की ओर जाने लगे हैं और संभावना है कि वे चुनाव खत्म होने के बाद ही वापस आएंगे। साथ ही अगले सप्ताह ईद होने के कारण भी कई कर्मचारी अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर लौटना चाहते हैं।
प्रवासी श्रमिकों के पलायन पर नजर रखने वाली संस्था सेंटर फॉर माइग्रेशन एंड इंक्लूसिव डेवलपमेंट (CMID) के निदेशक बिनॉय पीटर के अनुसार केरल में काम करने वाले लगभग 50 प्रतिशत प्रवासी श्रमिक असम और पश्चिम बंगाल से आते हैं। इन दोनों राज्यों में चुनाव होने के कारण श्रमिकों की आवाजाही बढ़ गई है।
उन्होंने बताया कि होटल और रेस्तरां बंद होने के साथ-साथ रमजान और चुनावी माहौल के कारण भी लोग अपने पैतृक राज्यों की ओर लौट रहे हैं। इन राज्यों के लिए चलने वाली ट्रेनों में टिकटों की भारी मांग है और कई सीटें पहले से ही वेटिंग में हैं।
उधर होटल और रेस्तरां संचालक कर्मचारियों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। वे उम्मीद कर रहे हैं कि एलपीजी संकट जल्द खत्म हो जाएगा और कारोबार फिर से सामान्य हो जाएगा। कई संचालक खाना पकाने के लिए दूसरे प्रकार के ईंधन की भी तलाश कर रहे हैं।
हालांकि छोटे रेस्तरां मालिकों के लिए यह स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि कारोबार ठप होने की स्थिति में कर्मचारियों को लंबे समय तक रोककर रखना उनके लिए मुश्किल हो जाता है।
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