भारत

एक फूल जो केवल भारत में ही खिलता है

वैज्ञानिक रूप से इसका नाम वनस्पतिशास्त्री डॉ. वाई.के.पानी जीन मैकलिन के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 1946 में पहली बार इस फूल को देखा था।

दुनिया का एक दुर्लभतम फूल है, जिसने खिलने के लिए सिर्फ भारत की धरती को ही चुना है। यह साल में करीब एक महीने तक खिलता है। दोबारा खिलने के लिए ग्यारह महीने तक इंतजार करना पड़ता है। जब यह फूल खिलता है तो मणिपुर सरकार उत्सव मनाती है। देश-दुनिया भर से प्रकृति प्रेमी इसे देखने के लिए 6,500 से 8,500 फीट ऊंचे पहाड़ों पर पैदल चढ़ते हैं। यह फूल है शिरुई लिली, जिसे वैज्ञानिक भाषा में लिलियम मैक्लिनिया के नाम से जाना जाता है। यह दुर्लभ और मनमोहक गुलाबी सफेद रंग का फूल है, जो इंफाल से करीब 83 किलोमीटर दूर उखरूल जिले के शिरुरता हिल रेंज में खिलता है। इस जिले में मुख्य रूप से तंगखुल नागा रहते हैं, जो इस क्षेत्र की सबसे पुरानी और जीवंत जनजातियों में से एक है। इसका वैज्ञानिक नाम वनस्पतिशास्त्री डॉ. फ्रैंक किंगडन वार्ड की पत्नी जीन मैकलिन के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने 1946 में पहली बार इस फूल को देखा था। शिरुई लिली को अंतरराष्ट्रीय पहचान तब मिली जब रॉयल हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी ने इसे 1950 में अपने लंदन फ्लावर शो में प्रतिष्ठित मेरिट से सम्मानित किया।

1989 में इसे मणिपुर का राजकीय पुष्प घोषित किया गया। यह फूल न केवल जैव विविधता का प्रतीक है, बल्कि मणिपुर की सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान का भी अहम हिस्सा है। मणिपुर का पर्यटन विभाग हर साल 20 से 24 मई तक इस गांव में शिरुई महोत्सव का आयोजन करता है। इस साल यह आयोजन दो साल बाद हुआ। यह फूल हर साल मई और जून के महीने में खिलता है। यह फूल करीब एक से तीन फीट की ऊंचाई तक बढ़ता है। एक तने पर छह से सात पंखुड़ियां होती हैं स्थानीय लोग इसे देवताओं का फूल कहते हैं क्योंकि यह बेहद खूबसूरत और रहस्यमयी है और साल में सिर्फ़ कुछ दिनों के लिए ही खिलता है। शिरुई पहाड़ियों में इस फूल का सीमित निवास स्थान इसके पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करता है। शिरुर लिली सिर्फ़ एक फूल नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में भारत का गौरव भी है। लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण इस पर ख़तरे के बादल मंडराने लगे हैं। सिर्फ़ भारत में खिलने वाले इस दुर्लभतम फूल को बचाने के लिए ज़रूरी कदम उठाने होंगे।

YouTube channel Search – www.youtube.com/@mindfresh112 , www.youtube.com/@Mindfreshshort1

नए खबरों के लिए बने रहे सटीकता न्यूज के साथ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
अडूसा: प्राकृतिक औषधि जो सर्दी, खांसी, घाव और दर्द में देती है राहत शादी में पुरुष क्या चाहते हैं? सुंदरता से ज़्यादा ये 5 गुण रिश्ते को बनाते हैं मज़बूत परीक्षा में सही टाइम मैनेजमेंट और स्मार्ट टाइम टेबल कैसे करे सर्दियों में इम्यूनिटी बढ़ाने का देसी तरीका, घर पर बनाएं सेहत से भरपूर कांजी स्वाद भी सेहत भी: बयु/बबुआ खाने के फायदे जानकर आप भी इसे डाइट में ज़रूर शामिल करेंगे गले की खराश से तुरंत राहत: अपनाएं ये असरदार घरेलू नुस्खे