ऑस्ट्रेलिया के बाद बच्चों के सोशल मीडिया बैन पर दुनिया में तेज़ हुई बहस

Washington। ऑस्ट्रेलिया द्वारा 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने का कदम अब ग्लोबल बहस का केंद्र बन गया है। यूनाइटेड किंगडम (UK) को अगला देश माना जा रहा है जो ऐसा कर सकता है, इस हफ्ते हाउस ऑफ लॉर्ड्स में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन पर एक अहम वोट होने की उम्मीद है।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार का ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट एक्ट 10 दिसंबर को लागू हुआ। इस कानून में Reddit, X, Meta के Instagram, YouTube और TikTok जैसे बड़े प्लेटफॉर्म शामिल हैं। नियमों के अनुसार, कंपनियों को 16 साल से कम उम्र के बच्चों को अकाउंट बनाने से रोकने के लिए उम्र वेरिफिकेशन लागू करना होगा। UK के अलावा, फ्रांस भी इस दौड़ में एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
वहां फिलहाल दो बिलों पर बहस चल रही है, जिनमें से एक को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का समर्थन प्राप्त है। इन प्रस्तावों का मकसद 15 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखना है। यूनाइटेड स्टेट्स में, इस तरह के राष्ट्रीय बैन की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन राज्य और स्थानीय स्तर पर इसमें दिलचस्पी बढ़ रही है। कैलिफ़ोर्निया और टेक्सास 2026 तक राज्य-स्तरीय प्रतिबंधों पर चर्चा कर रहे हैं। UK स्थित ग्रासरूट संगठन स्मार्टफोन फ्री चाइल्डहुड की सह-संस्थापक डेज़ी ग्रीनवेल ने कहा कि यह सिर्फ एक देश की समस्या नहीं है। दुनिया भर की सरकारें यह मान रही हैं कि मौजूदा स्थिति बच्चों, माता-पिता और समाज के लिए सही नहीं है, और उन्होंने सोशल मीडिया बैन को ज़रूरी माना है। ग्रीनवेल का कहना है कि जैसे-जैसे सबूत बढ़ेंगे और सरकारों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, और भी देश इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
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