अमित शाह का बड़ा बयान: वोटर लिस्ट से हर घुसपैठिए का नाम हटेगा

Bhuj/New Delhi. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोगों से अपील की कि वे देश भर के अलग-अलग राज्यों में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस को सपोर्ट करें। उन्होंने आगे कहा, “यह वोटर लिस्ट को शुद्ध करने का एक कैंपेन है। SIR देश और डेमोक्रेसी की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है, क्योंकि इससे यह पक्का होगा कि हर एक घुसपैठिए का नाम वोटर लिस्ट से हट जाए।” केंद्रीय गृह मंत्री ने शुक्रवार को गुजरात के भुज के हरिपुर में 176वें बटालियन कैंप में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के 61वें स्थापना दिवस समारोह में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “मैं आज यह साफ कर देना चाहता हूं कि हम इस देश से हर एक घुसपैठिए को निकाल देंगे; यह हमारा वादा है।”
शाह ने कहा कि कुछ पॉलिटिकल पार्टियां इलेक्शन कमीशन के SIR प्रोसेस का विरोध कर रही हैं क्योंकि वे यह पक्का करना चाहती हैं कि घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट में बने रहें। वे सरकार के एंटी-इनफिल्ट्रेशन कैंपेन को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, “आज, BSF देश के सभी बॉर्डर पर घुसपैठ रोकने में लगी हुई है।” घुसपैठ रोकना न सिर्फ नेशनल सिक्योरिटी के लिए बल्कि देश के डेमोक्रेटिक सिस्टम को खराब होने से बचाने के लिए भी ज़रूरी है। उन्होंने कहा, “सिर्फ भारत के नागरिक ही तय कर सकते हैं कि किसी राज्य का मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री कौन होगा। घुसपैठियों को हमारे डेमोक्रेटिक सिस्टम को खराब करने और हमारे डेमोक्रेटिक फैसलों को प्रभावित करने का कोई अधिकार नहीं है।
घुसपैठियों को वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए काम करने वाली पार्टियों को यह जान लेना चाहिए कि देश की जनता ऐसे इरादों का कभी समर्थन नहीं करेगी।” शाह ने कहा कि आने वाला साल BSF के पूरे मॉडर्नाइजेशन के लिए समर्पित होगा, और उसके बाद का साल पूरी तरह से हमारे बहादुर सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई के लिए समर्पित होगा। इस दौरान, BSF और केंद्रीय गृह मंत्रालय कई योजनाओं के ज़रिए सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई की दिशा में कदम उठाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, गृह मंत्रालय ने अगले पांच सालों में BSF को दुनिया की सबसे मॉडर्न बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स बनाने का संकल्प लिया है। हम आने वाले दिनों में कई योजनाएं शुरू करने जा रहे हैं और मुश्किल हालात में सीमा पर तैनात सैनिकों के परिवारों को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि सरकार उनकी भलाई के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
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