एफडी के नाम पर 40 लाख का घोटाला: बैंक कर्मचारी गिरफ्तार, कई और राज खुलने की आशंका
धरसींवा क्षेत्र की बैंक शाखा में बड़ा फर्जीवाड़ा, दंपति के पैसे गायब होने पर सामने आई धोखाधड़ी

Report : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के धरसींवा इलाके में स्थित IDBI Bank की चरौदा शाखा में फिक्स डिपॉजिट (एफडी) के नाम पर लाखों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक के ही कुछ कर्मचारियों ने एक दंपति के करीब 40 लाख रुपये हड़प लिए।
पीड़ित दंपति जब अपनी एफडी तुड़वाने बैंक पहुंचे तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। शिकायत मिलने के बाद Dharsiwa पुलिस ने तीन बैंक कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए मुख्य आरोपी अस्थायी कर्मचारी राजा खुंटे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस घटना ने बैंक की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार धरसींवा क्षेत्र में रहने वाले नरेंद्र कुमार वर्मा और उनकी पत्नी मनीषा वर्मा अपने खाते में जमा 20-20 लाख रुपये की एफडी कराने बैंक पहुंचे थे। उसी दौरान उनकी मुलाकात अस्थायी कर्मचारी राजा खुंटे से हुई। परिचय का फायदा उठाते हुए उसने एफडी की प्रक्रिया के नाम पर दोनों के आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटोकॉपी के साथ दो साइन किए हुए खाली चेक ले लिए।
दंपति को भरोसा दिलाने के लिए आरोपी ने उन्हें नकली एफडी रसीद भी दे दी। इस तरह उन्हें लंबे समय तक शक नहीं हुआ।
ऐसे सामने आया पूरा मामला
घोटाले का खुलासा तब हुआ जब 2 मार्च को नरेंद्र वर्मा को पैसों की जरूरत पड़ी और उन्होंने फोन कर एफडी तोड़ने की बात कही। आरोपी कर्मचारी ने टालमटोल जवाब दिया, जिससे उन्हें शक हुआ। इसके बाद वे सीधे बैंक पहुंचे और अपना Statement निकलवाया। तब पता चला कि उनके खाते से पूरे 40 लाख रुपये गायब हो चुके हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने खाली चेक का इस्तेमाल कर विकास राव गोडकी और शैलेंद्री नामक लोगों के खाते में अलग-अलग तारीखों में पूरी रकम निकाल ली।
जांच में मैनेजर की भूमिका भी संदेह के घेरे में
मामले की जांच Chhattisgarh Police द्वारा की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि का लेनदेन बिना बैंक के वरिष्ठ कर्मचारियों की जानकारी के संभव नहीं है। इसी कारण बैंक मैनेजर और कैशियर की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा रही है। दस्तावेजों की Investigation के दौरान और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
दूसरी खाताधारक के साथ भी हुआ गबन
इसी शाखा की एक अन्य ग्राहक कुमारी स्वाति वर्मा ने भी धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। सिलतरा निवासी स्वाति का कहना है कि उन्होंने मई 2024 में 7 लाख रुपये की एफडी कराने के लिए बैंककर्मी दुर्गेश शर्मा को पैसे दिए थे, लेकिन उन्हें कोई रसीद नहीं दी गई।
जनवरी 2026 में जब वे बैंक पहुंचीं तो पता चला कि उनके नाम से कोई एफडी बनाई ही नहीं गई। पूछताछ करने पर आरोपी कर्मचारी पहले टालमटोल करता रहा और बाद में WhatsApp चैट के जरिए पैसे लौटाने का भरोसा दिलाता रहा। यहां तक कि उसने अपनी गलती मानते हुए माफी भी मांगी।
पुलिस अब इस पूरे मामले में अन्य संभावित पीड़ितों की भी जानकारी जुटा रही है।
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