ChatGPT में बड़ा बदलाव: अब AI खुद पहचान करेगा यूज़र की उम्र, 18 से कम पर फीचर्स होंगे लिमिट

Report. ChatGPT के लिए एक एज प्रेडिक्शन सिस्टम शुरू किया जा रहा है। यह सिस्टम 18 साल से कम उम्र के यूज़र्स के अकाउंट की पहचान करने में मदद करेगा। यह सिस्टम अकाउंट के व्यवहार और यूज़र के इस्तेमाल के पैटर्न के आधार पर उम्र तय करेगा। अगर कोई अकाउंट 18 साल से कम उम्र के यूज़र का है, तो उस अकाउंट के लिए ChatGPT के कई फीचर्स पर रोक लगा दी जाएगी। OpenAI के AI चैटबॉट, ChatGPT के लिए एज प्रेडिक्शन फीचर को दुनिया भर में शुरू किया जा रहा है। इसका मकसद उन यूज़र्स की पहचान करना है जिनकी उम्र 18 साल से कम हो सकती है। इस कदम से पता चलता है कि कंपनी अब सिर्फ़ यूज़र्स द्वारा बताई गई उम्र पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि उनके व्यवहार के आधार पर उनकी उम्र तय करेगी। कंपनी का कहना है कि यह सिस्टम टीनएजर्स के अकाउंट पर सुरक्षा उपायों को लागू करने में मदद करेगा।
इससे बिज़नेस अकाउंट भी कम पाबंदियों के साथ ChatGPT का ज़्यादा असरदार तरीके से इस्तेमाल कर पाएंगे। इसे दुनिया भर में शुरू किया जा रहा है और EU में इसे बाद में पेश किया जाएगा। कुछ समय से AI चैटबॉट से ऐसे फीचर्स लागू करने की मांग की जा रही थी जो यूज़र की उम्र के आधार पर सर्विस दें, खासकर टीनएजर्स की सुरक्षा के लिए। यह नया एज प्रेडिक्शन फीचर उम्र तय करने के लिए अकाउंट की जानकारी और यूज़र के व्यवहार का इस्तेमाल करेगा। यह इस बात पर भी ध्यान देगा कि अकाउंट कितने समय से एक्टिव है, यूज़र समय के साथ इसका इस्तेमाल कैसे करता है, और किन समय पर यूज़र आमतौर पर एक्टिव रहता है।
नए खबरों के लिए बने रहे सटीकता न्यूज के साथ।




