म्यूचुअल फंड में बड़ा बदलाव: निवेशक अब फ्लेक्सीकैप और मिडकैप की ओर

New Delhi : म्यूचुअल इन्वेस्टर अपने पोर्टफोलियो में डाइवर्सिटी ला रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के डेटा के मुताबिक, इन्वेस्टर अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए फ्लेक्सीकैप और मिडकैप फंड चुन रहे हैं, जिन पर पहले लार्ज-कैप और स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड का दबदबा था AMFI के मुताबिक, फ्लेक्सीकैप म्यूचुअल फंड सबसे आगे रहे, जिनमें सितंबर में ₹7,029 करोड़ से बढ़कर इस साल अक्टूबर में ₹8,929 करोड़ हो गए। मिड-कैप म्यूचुअल फंड में ₹3,807 करोड़ का इन्वेस्टमेंट हुआ, जो सभी इक्विटी फंड में दूसरा सबसे ज़्यादा है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में नेट इन्वेस्टमेंट में लगभग 19% की गिरावट आई।
लार्ज-कैप और स्मॉल-कैप फंड को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ, क्योंकि इन्वेस्टर ने फ्लेक्सीकैप और मिड-कैप म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करना पसंद किया। जबकि फ्लेक्सीकैप म्यूचुअल फंड का दबदबा बना हुआ है, मिडकैप म्यूचुअल फंड कैटेगरी में दिलचस्पी बढ़ रही है। चूंकि मिडकैप भी फ्लेक्सीकैप पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं, इसलिए मार्केट एनालिस्ट का मानना है कि यह कैटेगरी परफॉर्मेंस में सबसे आगे है। मिडकैप फंड लंबे समय के निवेश के लिए सबसे अच्छे होते हैं। वे कैपिटल एप्रिसिएशन को प्राथमिकता देते हैं, जिससे समय के साथ निवेश की वैल्यू में लगातार बढ़ोतरी होती है।
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