
नवभारत ब्यूरो। जगदलपुर/बीजापुर। पश्चिम बस्तर बीजापुर जिले के इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के जंगल में संयुक्त बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में मारे गए 6 नक्सलियों की पहचान कर ली गई है, जिसमें दो बड़े कैडर माओवादी नेता शामिल हैं। इस मुठभेड़ में मद्देड़ एरिया कमेटी प्रभारी डीवीसीएम कन्ना उर्फ बुचन्ना और पामेड़ एरिया कमेटी सचिव उर्मिला भी मारे गए, इन पर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया है। उल्लेखनीय है कि उर्मिला मोस्ट वांटेड माओवादी कैडर पापाराव की पत्नी थी। अन्य मृतकों में एक नक्सली पर 5 लाख रुपए और 3 नक्सलियों पर 2-2 लाख रुपए का इनाम है। गुरुवार को बीजापुर में पत्रकारों से बात करते हुए बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि मंगलवार को बीजापुर जिले के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के कंदुलनार, कचलाराम और गुज्जाकोंटा के जंगलों में मद्देड एरिया कमेटी प्रभारी डीवीसीएम कन्ना उर्फ बुचन्ना, डीवीसीएम उर्मिला, डीवीसीएम मोहन कड़ती और पश्चिम बस्तर संभाग के 50-60 माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी।
इसके आधार पर, डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीमों ने तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ लगभग 18 घंटे तक रुक-रुक कर चलती रही। घटनास्थल से छह शव और कुछ हथियार बरामद किए गए। संयुक्त टीम के मुठभेड़ स्थल से लौटने के बाद, बुधवार को शिनाख्त के प्रयास किए गए। पता चला कि मुठभेड़ में खूंखार नक्सली नेता मारे गए हैं। आईजी ने कहा कि ये अभियान सरकार, सुरक्षा बलों और बस्तर की जनता के सामूहिक संकल्प को दर्शाते हैं कि वे क्षेत्र से वामपंथी उग्रवाद की दशकों पुरानी समस्या का सफाया करें। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों को माओवादियों के प्रभाव से मुक्त कराना, शांति और सुशासन बहाल करना और समग्र एवं समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त करना है। मुठभेड़ स्थल से दो इंसास राइफलें, एक 9 मिमी कार्बाइन, एक 303 राइफल, अन्य हथियार, विस्फोटक और नक्सल संबंधी सामग्री बरामद की गई।
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