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छत्तीसगढ़ में बड़ी सफलता: कुख्यात नक्सली हिड़मा एनकाउंटर में ढेर, सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी

छत्तीसगढ़ । Jagdalpur/Dantewada। झीरम घाटी समेत राज्य में 26 से ज़्यादा बड़े नक्सली हमलों को अंजाम देने वाले खूंखार नक्सली नेता माड़वी हिड़मा और उसकी पत्नी समेत छह अन्य नक्सलियों को आंध्र प्रदेश पुलिस ने मंगलवार सुबह छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे मर्दुममिल्ली इलाके में मार गिराया। पुलिस ने घटनास्थल से दो एके-47, एक पिस्टल, एक रिवॉल्वर, एक 12 बोर की राइफल और 15 बंडल डेटोनेटर बरामद किए। आंध्र प्रदेश के एडीजी महेश चंद्रा के बाद बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि की। बस्तर के पुवर्ती गाँव के हिड़मा को नक्सलियों का “पोस्टर बॉय” माना जाता था। गौरतलब है कि कुछ समय पहले इसी इलाके में पुलिस ने एक और बड़े नक्सली नेता उदय और उसकी पत्नी को मुठभेड़ में मार गिराया था। मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के लक्ष्य से जूझ रहे सुरक्षा बलों के लिए हिड़मा की मौत एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। यह छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के लिए एक बड़ा झटका है। हिडमा को हाल ही में केंद्रीय समिति (सीसी) का सदस्य भी नियुक्त किया गया था।

सभी छह नक्सली दक्षिण बस्तर समेत तेलंगाना सीमा पर लंबे समय से सक्रिय थे। आंध्र प्रदेश पुलिस के अनुसार, हिडमा और उसका समूह पिछले तीन दिनों से सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय था और नक्सली गतिविधियों को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा था। नक्सली गतिविधि की सूचना मिलने के बाद खुफिया नेटवर्क सक्रिय हो गए थे। हिडमा की मौत दक्षिण बस्तर के नक्सलियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जो पहले से ही सशस्त्र बलों के भारी दबाव का सामना कर रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि हिडमा की मौत बीजापुर और सुकमा में सक्रिय एक और नक्सली कैडर के लिए आत्मसमर्पण का रास्ता खोल देगी। पिछले कई महीनों से, नक्सलियों का एक बड़ा समूह मार्च 2026 तक खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है।

माडवी हिडमा, जिसका असली नाम संतोष था, नक्सली संगठन, भाकपा (माओवादी) का सबसे कुख्यात और घातक कमांडर माना जाता था। जंगल गुरिल्ला युद्ध में कुशल एक खूंखार नक्सली, हिडमा कई बड़े और घातक नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। वह 2010 के ताड़मेटला हमले में शामिल था, जिसे देश का अब तक का सबसे बड़ा नक्सली हमला माना जाता है। इस हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए थे। वह 2013 के झीरम घाटी नरसंहार का भी मुख्य आरोपी था, जिसमें 27 लोग मारे गए थे, जिनमें महेंद्र कर्मा, तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल और विद्याचरण शुक्ल सहित अन्य शीर्ष कांग्रेस नेता शामिल थे। हिडमा को 2021 के टेकलगुडा हमले के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है जिसमें 22 जवान शहीद हुए थे और 2017 के बुर्कापाल हमले के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है जिसमें 24 जवान मारे गए थे। हिडमा इन हमलों की योजना बनाने के लिए जिम्मेदार था। मारे गए नक्सलियों की पहचान सीसी सदस्य माडवी हिडमा, डीवीसीएम मड़कम राजे उर्फ ​​रजक्का हिडमा की पत्नी, डीसीएम लकमा उर्फ ​​चैतू, पीपीसीएम कमलू उर्फ ​​कमलेश, पीपीसीएम मल्ला उर्फ ​​मल्लालू, देवे हिडमा के गार्ड के रूप में हुई है।

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