
सटीकता न्यूज़/ छत्तीसगढ़ । मंगलवार शाम गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू ट्रेन बिलासपुर-गौतौरा रेलखंड पर लालखदान के पास खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने रात डेढ़ बजे बताया कि हादसे में लोको पायलट समेत 11 यात्रियों की मौत हो गई है। एक सहायक लोको पायलट समेत 20 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को एंबुलेंस से रेलवे अस्पताल और सिम्स पहुंचाया गया। घटना के बाद रेलवे और जिला प्रशासन की राहत एवं बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं। मालगाड़ी और मेमू में फंसे लोगों को निकालने के लिए रात पौने दो बजे तक बचाव कार्य जारी रहा। प्रशासन अभी भी तीन शवों को निकालने की कोशिश कर रहा है। मंगलवार शाम करीब चार बजे गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू ट्रेन गौतौरा और बिलासपुर के बीच अप लाइन पर किलोमीटर 714/11-13 पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्थित वॉर रूम से पूरी घटना की समीक्षा की और राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम देने के निर्देश दिए। रेलवे ने दुर्घटना में मारे गए यात्रियों के लिए ₹10 लाख, गंभीर रूप से घायलों के लिए ₹5 लाख और मामूली रूप से घायलों के लिए ₹1 लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की एक टीम द्वारा विभिन्न अस्पतालों में यह मुआवज़ा वितरित किया गया।
रेलवे सुरक्षा आयुक्त मेमू-मालगाड़ी दुर्घटना की जाँच करेंगे। रेलवे द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि घटना की विस्तृत जाँच रेलवे सुरक्षा आयुक्त के स्तर पर की जाएगी, ताकि कारणों की सही जाँच हो सके और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। दुर्घटना में घायल हुए यात्रियों के लिए यह यात्रा एक बुरे सपने में बदल गई। बिल्हा (बिलासपुर) निवासी संजीव विश्वकर्मा, जो अकलतरा स्थित अपने ससुराल से लौट रहे थे, ने बताया, “मैं पहले डिब्बे में बैठा था, जहाँ लगभग 16-17 यात्री थे—पुरुष, महिलाएँ और बच्चे। अचानक, गतोरा से लगभग 500 मीटर आगे, ट्रेन ज़ोर से हिली और किसी चीज़ से टकरा गई। फिर, एक पल के लिए मेरे ऊपर अंधेरा छा गया। मैंने लाशें देखीं—एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। कई लाशें क्षत-विक्षत हालत में थीं।”
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