रबी सीजन में बंपर बुवाई, गेहूं-धान से लेकर तिलहन तक रकबा बढ़ा

New Delhi। इस साल रबी के मौसम में बंपर बुवाई हुई है। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, 2 जनवरी तक 634.14 लाख हेक्टेयर में बुवाई पूरी हो चुकी है। 2024-25 की इसी अवधि में 617.74 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। इस साल कुल बुवाई वाले क्षेत्र में 16.40 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। गेहूं की बुवाई में 6.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस साल रबी के मौसम में 334.7 लाख हेक्टेयर में गेहूं बोया गया है, जबकि 2024-25 में 328.4 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। चावल की बुवाई 14.5 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 17.57 लाख हेक्टेयर हो गई है। बुवाई में बढ़ोतरी का कारण लंबे समय तक सूखा पड़ने के बावजूद मिट्टी में पर्याप्त नमी का होना है। दालों की बुवाई 134.30 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि एक साल पहले यह 130.87 लाख हेक्टेयर थी। चने की बुवाई 17.5 लाख हेक्टेयर में हुई है।
मोटे अनाज (श्री अन्न) का रकबा 51.69 लाख हेक्टेयर था, जबकि पिछले साल इसी मौसम में यह 50.66 लाख हेक्टेयर था। ज्वार की बुवाई 22 लाख हेक्टेयर से घटकर 20.74 लाख हेक्टेयर हो गई। मक्का ने रिकॉर्ड बनाया है, इसकी खेती 21.87 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 23.32 लाख हेक्टेयर हो गई है। जौ की बुवाई में थोड़ी कमी आई और यह 6.78 लाख हेक्टेयर रह गई। आंकड़ों के अनुसार, तिलहन की बुवाई 96.30 लाख हेक्टेयर में हुई, जबकि पिछले साल यह 93.27 लाख हेक्टेयर थी। सरसों का रकबा बढ़कर 89.36 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि मूंगफली की खेती घटकर 3.3 लाख हेक्टेयर रह गई। सूरजमुखी और तिल की बुवाई में भी थोड़ी गिरावट देखी गई। बंपर बुवाई को देखते हुए सरकार ने खाद्यान्न भंडार के प्रबंधन के लिए एक कार्य योजना तैयार की है।
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