
रायपुर / छत्तीसगढ़ : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती परीक्षा 2021-22 घोटाले के सिलसिले में विशेष अदालत में पहला पूरक आरोप पत्र दायर किया। 200 पन्नों के आरोप पत्र में पूर्व पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को घोटाले का मास्टरमाइंड बताया गया है और घोटाले में शामिल सभी लोगों की गंभीर संलिप्तता का भी खुलासा किया गया है। उल्लेखनीय है कि सीबीआई अब तक पीएससी घोटाला मामले में एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें पूर्व सीजीपीएससी परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पूर्व सचिव और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल के साथ-साथ टामन सिंह सोनवानी के बेटे और बहू और परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं, जिनमें उद्योगपति शशांक गोयल, उनकी पत्नी भूमिका कटियार गोयल और शशांक गोयल के उद्योगपति पिता शामिल हैं।
सीबीआई जांच जारी है और भविष्य में बड़े खुलासे होने की संभावना है। राजनेताओं और अधिकारियों के करीबियों का चयन: ज्ञात हो कि राज्य में भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार के दौरान सीजीपीएससी भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को 48 शिकायतें भेजी गई थीं। आरोप था कि डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य उच्च पदों पर प्रभावशाली राजनेताओं और अधिकारियों के करीबियों का चयन किया गया था। तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा जाँच में विफल रहने पर भाजपा नेता ननकी राम कंवर ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसके बाद न्यायालय ने 18 उम्मीदवारों की नियुक्तियों पर रोक लगा दी थी।
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