सीपी राधाकृष्णन बने देश के 17वें उपराष्ट्रपति

सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को देश के 17वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शपथ दिलाई। वे 11 सितंबर, 2030 तक इस पद पर बने रहेंगे। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्रीय मंत्री और बड़ी राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। लेकिन सबकी निगाहें पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पर थीं, जिन्होंने संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के 53 दिन बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए धनखड़ अपनी पत्नी सुदेश धनखड़ के साथ समारोह में पहुंचे। धनखड़ पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के बगल में बैठे थे। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी नायडू के दूसरी ओर बैठे थे। धनखड़ नायडू के साथ बातचीत में तल्लीन दिखे।
समारोह समाप्त होने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति से हाथ मिलाकर उन्हें बधाई दी। इससे पहले, धनखड़ ने 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद राधाकृष्णन को बधाई दी थी। धनखड़ ने 21 जुलाई को अचानक अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए नाटकीय घटनाक्रम में पद से इस्तीफा दे दिया था। पद की शपथ लेने के बाद, राधाकृष्णन ने राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने सदैव अटल पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और किसान घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
शपथ ग्रहण समारोह में धनखड़ की मौजूदगी के साथ ही, उनके इस्तीफे के बाद से सार्वजनिक मंच पर न दिखने की अटकलों पर भी विराम लग गया। धनखड़ ने 21 जुलाई को अपने इस्तीफे के बाद से ही लोगों और मीडिया से दूरी बना रखी थी। इस दौरान वह अपने सरकारी आवास पर ही रह रहे थे। कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने सरकार से धनखड़ के बारे में जानकारी मांगी थी। कपिल सिब्बल ने तो गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर धनखड़ की सुरक्षा और संपर्क सूत्र के बारे में जानकारी मांगी थी।
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