बॉक्स ऑफिस पर दौड़ रही ‘धुरंधर’, फिर भी OTT रिलीज़ की तैयारी तेज़, 285 करोड़ की बड़ी डील चर्चा में

पिछले साल 5 दिसंबर को रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘धुरंधर’ अभी भी बॉक्स ऑफिस पर लगातार कमाई कर रही है। इसके बावजूद, ऐसी खबरें हैं कि इसकी डिजिटल रिलीज़ की तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं। अब सवाल सिर्फ़ यह नहीं है कि ‘धुरंधर’ OTT पर कब रिलीज़ होगी, बल्कि यह भी है कि जो फ़िल्म अभी भी सिनेमाघरों में कमाई कर रही है, उसे OTT पर रिलीज़ करने से प्रोड्यूसर को फ़ायदा होगा या नुकसान?
डील कितने करोड़ की थी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘धुरंधर‘ के डिजिटल राइट्स एक बड़ी डील में बेचे गए हैं। कहा जा रहा है कि यह डील लगभग 285 करोड़ रुपये की थी। खास बात यह है कि इस डील में फ़िल्म के दोनों पार्ट, ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ शामिल हैं। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
फरवरी के पहले हफ़्ते में रिलीज़ की तैयारी: एक OTT प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े सूत्रों ने अमर उजाला को बताया, ‘फ़िल्म की OTT रिलीज़ को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं है। जैसे ही सिनेमाघरों में इसकी पकड़ कमज़ोर होगी, फ़िल्म को OTT पर रिलीज़ कर दिया जाएगा ताकि दर्शकों में दिलचस्पी बनी रहे। हालांकि, आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन फरवरी के पहले हफ़्ते को ध्यान में रखकर सभी तैयारियां की जा रही हैं।’
मुकाबले में कोई बड़ी फ़िल्म नहीं थी: दीपक दुआ, फ़िल्म क्रिटिक
सिनेमाघरों और OTT के बीच बदलते समीकरणों पर फ़िल्म क्रिटिक दीपक दुआ ने कहा, ‘किसी भी बड़ी फ़िल्म की कमाई का एक बड़ा हिस्सा पहले छह से आठ हफ़्तों में आता है। हालांकि, अगर ‘धुरंधर‘ के मुकाबले कोई बड़ी फ़िल्म रिलीज़ हुई होती, तो यह फ़िल्म अब तक OTT पर रिलीज़ हो चुकी होती। ‘बॉर्डर 2’ की रिलीज़ के बाद इसकी कमाई पर असर पड़ेगा, और वही OTT रिलीज़ के लिए सही समय होगा। वरना, OTT रिलीज़ से इसकी कमाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
बड़ी संख्या में लोग अभी भी इसे दोबारा देखने जा रहे हैं।’
असली कमाई सब्सक्रिप्शन से होती है: आदित्य कुमार, डिजिटल स्ट्रैटेजिस्ट डिजिटल स्ट्रैटेजिस्ट आदित्य कुमार बताते हैं,
‘कोई भी OTT प्लेटफ़ॉर्म एक तय रकम में किसी फ़िल्म के डिजिटल राइट्स खरीदता है।’ इसके बाद, प्लेटफ़ॉर्म का मुख्य रेवेन्यू सोर्स उसका सब्सक्रिप्शन-बेस्ड मॉडल बन जाता है। उनका मुख्य मकसद फ़िल्मों की लोकप्रियता का फ़ायदा उठाकर नए सब्सक्राइबर जोड़ना होता है, जिससे रेवेन्यू में लगातार बढ़ोतरी होती है। आज, ज़्यादातर OTT प्लेटफ़ॉर्म के लिए सब्सक्रिप्शन ही कमाई का मुख्य ज़रिया है। कुल मिलाकर, OTT प्लेटफॉर्म अलग-अलग रेवेन्यू मॉडल के ज़रिए अपने इन्वेस्टमेंट से पैसे कमा रहे हैं।
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