डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर नहीं, पूरे शरीर की बीमारी निकली: नई स्टडी का खुलासा

Senior Reporter India | नई दिल्ली।
टाइप 2 डायबिटीज को अब तक मुख्य रूप से ब्लड शुगर की बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन एक नई अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक रिसर्च ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। दुनिया भर के करीब 25 लाख लोगों के जेनेटिक डेटा के गहन अध्ययन से वैज्ञानिकों ने चौंकाने वाला निष्कर्ष निकाला है कि इस बीमारी की जड़ें केवल खून में नहीं, बल्कि शरीर के कई अहम अंगों में छिपी होती हैं।
रिसर्च के मुताबिक, टाइप 2 डायबिटीज से जुड़े लगभग 85 प्रतिशत महत्वपूर्ण जीन ऐसे हैं, जिनका पता सामान्य ब्लड टेस्ट से नहीं लगाया जा सकता। ये जैविक कारण मुख्य रूप से पैंक्रियाज, लिवर, मांसपेशियों और फैट टिश्यू से जुड़े होते हैं।
टाइप 2 डायबिटीज आज दुनिया की सबसे तेजी से फैलने वाली बीमारियों में शामिल है, जो करोड़ों लोगों की सेहत को प्रभावित कर रही है। अब तक इसका निदान ज़्यादातर खून में ग्लूकोज लेवल की जांच के आधार पर किया जाता रहा है। हालांकि यह जांच जरूरी है, लेकिन यह बीमारी की पूरी सच्चाई को सामने नहीं लाती।
नई वैश्विक स्टडी से यह साफ हुआ है कि टाइप 2 डायबिटीज केवल ब्लड से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित करने वाला एक जटिल मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है। इस बीमारी में कई स्तरों पर गड़बड़ी होती है—पैंक्रियाज पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता, मांसपेशियां इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पातीं, लिवर ज़रूरत से ज़्यादा ग्लूकोज बनाता है और फैट टिश्यू में भी संतुलन बिगड़ जाता है।
अगर जांच सिर्फ खून तक सीमित रखी जाए, तो इन अंगों में होने वाली अंदरूनी समस्याएं लंबे समय तक छुपी रह सकती हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
इस अहम अंतरराष्ट्रीय रिसर्च का नेतृत्व अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट और जर्मनी के हेल्महोल्ट्ज़ म्यूनिख के वैज्ञानिकों ने किया है। इस अध्ययन के नतीजे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल नेचर मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित किए गए हैं, जिन्हें डायबिटीज रिसर्च में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
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