
कटनी रेलखंड के हरि-वेंकटनगर सेक्शन के बीच मंगलवार, 7 अक्टूबर की दोपहर एक बड़ी लापरवाही की घटना घटी। दुर्ग निजामुद्दीन एक्सप्रेस ट्रेन (क्रमांक 22867) रेलवे ट्रैक पर छोड़े गए एक भारी लोहे के जैक से टकरा गई। हादसे में ट्रेन का इंजन और आगे का जनरेटर कार क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। पेंड्रा रोड स्थित आरपीएफ पोस्ट में मामला दर्ज कर एक रेलवे कर्मचारी समेत नौ ठेका मजदूरों को गिरफ्तार किया गया है। सूचना मिलने पर शाम करीब 4:30 बजे सुरक्षा नियंत्रण कक्ष, बिलासपुर से अलर्ट जारी किया गया। आरपीएफ की जांच में पता चला कि रेलवे मेट जवाहर लाल की देखरेख में किमी 828/11-13 के बीच ट्रैक पैकिंग का काम चल रहा था। स्लीपर दबा देख मेट जवाहर लाल ने स्टेशन मास्टर या उच्च अधिकारियों को सूचित किए बिना और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए मुंशी अवतार सिंह और आठ मजदूरों को जैक लगाकर ट्रैक को समतल करने के लिए बुला लिया।
इसी बीच दुर्ग-निजामुद्दीन एक्सप्रेस ट्रेन घटनास्थल के पास आ गई। ट्रेन को आते देख कर्मचारियों ने जल्दी से जैक हटाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। जैसे ही ट्रेन पास आई, सभी कर्मचारी जैक को वहीं छोड़कर ट्रैक से हट गए और ट्रेन जैक से टकरा गई। टक्कर से इंजन का केटल गार्ड और आगे का जेनरेटर कार क्षतिग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना के कारण ट्रेन लगभग 10 मिनट (15:43 से 15:53 तक) तक रुकी रही। जांच में पता चला कि संबंधित कर्मचारियों ने ब्लॉक लेने से पहले न तो उच्च अधिकारियों को सूचित किया और न ही सुरक्षा संकेत लगाए। इस लापरवाही से यात्रियों की जान को खतरा हुआ। रेलवे प्रबंधन ने इस घटना को एक गंभीर सुरक्षा चूक माना है और उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। कोरबा के मड़वारानी रेलवे स्टेशन के पास कल, गुरुवार, सुबह लगभग 9:30 बजे एक और दुर्घटना हुई, जिसकी जानकारी आज सार्वजनिक की गई। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस बाल-बाल पटरी से उतरते-उतरते बची। इस घटना से ठेका कंपनी की ओर से बड़ी लापरवाही सामने आई है। फुटओवर ब्रिज के निर्माण के दौरान रेलवे ट्रैक पर लोहे के एंगल छोड़ दिए गए थे। इस मामले में आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए ठेका कंपनी के सुपरवाइजर और एक मजदूर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि हाइड्रा का चालक फरार है।
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