विज्ञान

पोलियो का अंत करीब: इंसानियत ने जीत ली आधी जंग, अब बस दो देश बाकी

पोलियो, जो कभी इंसानियत के लिए एक मुसीबत था, अब इतिहास के पन्नों में जाने वाला है। मेडिकल साइंस, दुनिया भर के सहयोग और लोगों की जागरूकता की वजह से, दुनिया पोलियो-मुक्त भविष्य के एक कदम और करीब आ गई है।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन (WHO) के मुताबिक, अब सिर्फ़ दो देशों—अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान—में जंगली पोलियोवायरस के मामले हैं। यह कामयाबी न सिर्फ़ साइंस के लिए बल्कि इंसानियत के लिए भी एक जीत है। द लैंसेट में छपी एक स्टडी के मुताबिक, वैक्सीनेशन कैंपेन ने पिछले 50 सालों में 154 मिलियन जानें बचाई हैं, यानी हर मिनट छह जानें। इनमें से 20 मिलियन से ज़्यादा बच्चों को पोलियो की वजह से लकवा होने से बचाया गया। WHO का कहना है कि पोलियो के साथ-साथ 14 दूसरी बीमारियों की वैक्सीन ने दुनिया भर में बच्चों की मौत की दर को 40 परसेंट से ज़्यादा कम कर दिया है।

सदी के बीच में, जब पोलियो महामारी की तरह फैल रहा था, तब अमेरिकी साइंटिस्ट डॉ. जोनास साल्क ने पहली असरदार पोलियो वैक्सीन बनाई थी। बाद में, डॉ. अल्बर्ट सबिन ने ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV) बनाई, जिससे दुनिया भर में कैंपेन आसान हो गया। भारत का पोलियो-फ़्री सफ़र: वायरस की दो बूंदों ने इतिहास बदल दिया। पोलियो कभी भारत में आम बीमारी थी। लेकिन, 1995 में शुरू हुए पल्स पोलियो कैंपेन ने देश की हेल्थ हिस्ट्री को हमेशा के लिए बदल दिया। एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि जब तक दुनिया का एक भी बच्चा पोलियो वायरस से इन्फेक्टेड नहीं हो जाता, तब तक खतरा खत्म नहीं होगा। किसी भी देश में वायरस के वापस आने का मतलब होगा कि बीमारी फिर से फैल सकती है। इसलिए, लगातार वैक्सीनेशन, मॉनिटरिंग और अवेयरनेस बहुत ज़रूरी है। अब लक्ष्य सिर्फ़ पोलियो-फ़्री नहीं, बल्कि एक पोलियो-फ़्री धरती है। 2025 के आखिर तक, WHO और उसके पार्टनर ऑर्गनाइज़ेशन का लक्ष्य पोलियोवायरस के जंगली रूप को पूरी तरह खत्म करना है।

11 साल पहले पोलियो-फ्री स्टेटस पाने के बाद, भारत का सर्विलांस नेटवर्क जल्द ही बंद हो सकता है। केंद्र सरकार अगले दो से तीन सालों में नेशनल पोलियो सर्विलांस नेटवर्क को बंद करने का प्लान बना रही है, इस कदम से डॉक्टरों में चिंता बढ़ गई है। 1990 में, मिनिस्ट्री ने मिलकर देश भर में पोलियो सर्विलांस नेटवर्क बनाया था, जो 280 सेंटर चलाता था। ये सेंटर एक्यूट पैलिएटिव पैरालिसिस (AFP) की रिपोर्टिंग के ज़रिए पोलियो वायरस पर नज़र रखते हैं। सरकार अब इन सेंटर्स को 2026 तक 280 से घटाकर 190 और 2027 तक 140 करने का प्लान बना रही है। हर स्टेज पर फंडिंग भी कम की जाएगी।

नए खबरों के लिए बने रहे सटीकता न्यूज के साथ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
गले की खराश से तुरंत राहत: अपनाएं ये असरदार घरेलू नुस्खे सर्दियों में कपड़े सुखाने की टेंशन खत्म: बिना बदबू और फफूंदी के अपनाएं ये स्मार्ट हैक्स सनाय की पत्तियों का चमत्कार: कब्ज से लेकर पेट और त्वचा रोगों तक रामबाण पानी के नीचे बसाया गया अनोखा शहर—मैक्सिको का अंडरवाटर म्यूजियम बना दुनिया की नई हैरानी सुबह खाली पेट मेथी की चाय—छोटी आदत, बड़े स्वास्थ्य फायदे कई बीमारियों से बचाते हैं बेल के पत्ते