एपस्टीन फाइल्स से यूरोप-अमेरिका में हड़कंप, राजकुमार से राजनेता तक घेरे में

Senior Reporter India | लंदन। कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद यूरोप के कई देशों में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। नई जानकारियों के सामने आने से यूरोपीय राजनीति, कूटनीति और कारोबारी जगत से जुड़े कई चर्चित नाम जांच के घेरे में आ गए हैं।
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ों में एक राजकुमार, कई वरिष्ठ राजनेता, राजदूत और अलग-अलग क्षेत्रों की प्रभावशाली हस्तियों के नाम सामने आए हैं। इन खुलासों के चलते कुछ लोगों का करियर अचानक ठहर गया, तो कुछ के खिलाफ आपराधिक और राजनीतिक जांच तेज कर दी गई है।
ब्रिटेन में इस मामले का असर सबसे ज़्यादा देखने को मिला है। वॉशिंगटन में पूर्व ब्रिटिश राजदूत पीटर मैंडेलसन को उनके पद से हटा दिया गया है और उन पर जेल जाने का खतरा भी मंडरा रहा है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को मैंडेलसन की नियुक्ति को लेकर गंभीर नेतृत्व संकट का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, नॉर्वे, स्वीडन और स्लोवाकिया में भी कई प्रभावशाली चेहरों की साख को गहरा झटका लगा है। इन ताज़ा खुलासों से पहले ही ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय के भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर अपने शाही खिताब, सम्मान और सरकारी आवास से हाथ धो चुके हैं। हालांकि, पूर्व राजकुमार एंड्रयू को छोड़कर बाकी किसी पर भी सीधे तौर पर यौन शोषण का आरोप नहीं लगाया गया है। उन्हें एपस्टीन से नज़दीकी संबंधों के कारण शाही दायरे से बाहर किया गया था।
प्रधानमंत्री स्टारमर ने पहले सामने आए खुलासों के बाद सितंबर में ही मैंडेलसन को पद से हटा दिया था। अब ब्रिटिश पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एपस्टीन को संवेदनशील सरकारी जानकारियां दी थीं। स्टारमर ने एपस्टीन के पीड़ितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए उन दस्तावेजों को जारी करने का वादा किया है, जिनसे यह साबित होगा कि राजदूत पद के लिए चयन के दौरान मैंडेलसन ने गलत जानकारी दी थी।
नॉर्वे में भी सियासी भूचाल
एपस्टीन फाइलों का असर नॉर्वे में भी साफ दिख रहा है। देश की आर्थिक अपराध एजेंसी ने पूर्व प्रधानमंत्री थोरबजॉर्न जगलैंड के खिलाफ भ्रष्टाचार जांच शुरू कर दी है। जगलैंड कभी नोबेल शांति पुरस्कार समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
इसके अलावा नॉर्वेजियन राजनयिक टेर्जे रोड-लार्सन और मोना जूल, जिन्होंने 1990 के दशक में इज़रायल-फिलिस्तीन शांति प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी, वे भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
अमेरिका में भी गिरे बड़े नाम
अमेरिका में भी एपस्टीन से कथित नज़दीकियों को लेकर कई नामों को आलोचना का सामना करना पड़ा है। पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी सचिव लैरी समर्स को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अपने अकादमिक पदों से छुट्टी लेनी पड़ी। वहीं, नई फाइलों के जारी होने के बाद अमेरिका की शीर्ष लॉ फर्म पॉल वीस के चेयरमैन ब्रैड कार्प ने इस्तीफा दे दिया है।
नेशनल फुटबॉल लीग (NFL) ने भी न्यूयॉर्क जायंट्स के सह-मालिक स्टीव टिश और एपस्टीन के संबंधों की जांच की घोषणा की है। हालांकि, एपस्टीन से जुड़े कुछ पुराने सहयोगी अब तक गंभीर कानूनी परिणामों से बचे हुए हैं, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रणनीतिकार स्टीव बैनन और उद्योगपति एलन मस्क जैसे नाम शामिल हैं।
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