सोना-चांदी ने मचाया तहलका, निवेशकों की पसंद बने मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड

New Delhi। सोने और चांदी की कीमतें आजकल हर हफ़्ते रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच रही हैं। ऐसे में, निवेशक अब मल्टी-एसेट एलोकेशन पर ध्यान दे रहे हैं। जहां 2025 में सोने ने 60 प्रतिशत से ज़्यादा का रिटर्न दिया है, वहीं चांदी की कीमतें दोगुनी से ज़्यादा हो गई हैं। हालांकि, इस दौरान शेयर बाज़ार में निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड निवेशकों ने इस सुनहरे मौके को गंवा दिया। म्यूचुअल फंड सलाहकारों का मानना है कि सोने और चांदी में निवेश करना ज़रूरी है और निवेशकों को दोनों धातुओं को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करना चाहिए। हालांकि, दोनों धातुओं, खासकर चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है।
पिछले कुछ हफ़्तों में बहुत ज़्यादा अस्थिरता रही है, जिसमें एक ही दिन में 10 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई है। इसे देखते हुए, कमोडिटी निवेश के बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना बहुत ज़रूरी है। यहीं पर मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड काम आते हैं। ये फंड सोने, चांदी, इक्विटी और डेट सहित कई एसेट क्लास में निवेश करते हैं, और पिछले कुछ सालों में ज़बरदस्त रिटर्न दे रहे हैं। निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसने तीन सालों में 22.71 प्रतिशत और 2025 में 22.30 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। UTI मल्टी एसेट एलोकेशन ने क्रमशः 12.75 और 22.35 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। HDFC मल्टी एसेट ने तीन और एक साल में क्रमशः 15.20 और 16.54 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। ब्यूरो
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