22 करोड़ भारतीय ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स से जुड़े, सरकार सख्त कार्रवाई में जुटी

इंडिया : ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के तेज़ी से विस्तार और इससे होने वाली अवैध कमाई ने केंद्र सरकार को चिंतित कर दिया है। बाज़ार विश्लेषण कंपनियों और जाँच एजेंसियों के अनुमान के अनुसार, ऐसे विभिन्न ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के लगभग 22 करोड़ भारतीय उपयोगकर्ता हैं, जिनमें से आधे (लगभग 11 करोड़) नियमित उपयोगकर्ता हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स का बाज़ार 100 अरब अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा का है और 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। सरकार ने पिछले महीने संसद को बताया कि उसने 2022 से जून 2025 तक ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के प्लेटफ़ॉर्म को ब्लॉक करने के लिए 1,524 आदेश जारी किए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईजीएसटी अधिनियम के तहत जीएसटी खुफिया मुख्यालय महानिदेशालय को एक उपयुक्त सरकारी एजेंसी के रूप में अधिकार प्राप्त है कि वह आईजीएसटी अधिनियम का उल्लंघन करने वाले अपंजीकृत ‘मनी गेमिंग’ प्लेटफ़ॉर्म को ब्लॉक करने के लिए बिचौलियों को निर्देश दे। मंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अवैध सट्टेबाजी और जुए पर कार्रवाई सहित अपराधों की रोकथाम, पता लगाने, जाँच और अभियोजन के लिए मुख्य रूप से ज़िम्मेदार हैं। इंडी सट्टेबाजी मामले में फिल्मी सितारों और क्रिकेटरों से पूछताछ कर रहा है। माना जा रहा है कि पूर्व क्रिकेटर कुछ विज्ञापनों के जरिए इस ऐप से जुड़े हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी ने बुधवार को पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना से एक कथित अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े धन शोधन मामले में आठ घंटे से ज़्यादा समय तक पूछताछ की। रैना (38) को सुबह करीब 11 बजे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने से पहले मध्य दिल्ली स्थित एजेंसी के कार्यालय के बाहर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों और ईडी कर्मचारियों के साथ बातचीत करते देखा गया। रैना रात करीब 8 बजे एजेंसी के कार्यालय से निकले।
तेलुगु अभिनेत्री लक्ष्मी मांचू बुधवार को हैदराबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े धन शोधन के एक मामले में पूछताछ के लिए पेश हुईं। संघीय एजेंसी ने पिछले महीने चार अभिनेताओं प्रकाश राज, विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती और लक्ष्मी मांचू को समन जारी कर मामले में पूछताछ के लिए अलग-अलग तारीखों पर एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में पेश होने को कहा था। राज, देवरकोंडा और दग्गुबाती पहले ही निदेशालय के समक्ष पेश हो चुके हैं। ईडी सूत्रों ने बताया कि इन लोगों पर ‘सेलिब्रिटी’ या विज्ञापन शुल्क के बदले ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के विज्ञापनों को “बढ़ावा” देने का संदेह है।
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