
छत्तीसगढ़/पलारी: मोबाइल फोन की लत किस तरह नई पीढ़ी को अपराध की ओर धकेल रही है, इसका ताजा उदाहरण पलारी थाना अंतर्गत ग्राम अमेरा में सामने आया है। यहां एक 14 वर्षीय पोती ने अपने 55 वर्षीय दादा पुरुषोत्तम यादव की सिर्फ इसलिए बेरहमी से हत्या कर दी, क्योंकि वह उसे ज्यादा मोबाइल फोन देखने से रोकते थे। वारदात के दौरान गुस्साई पोती इतनी गुस्से में थी कि उसने अपने दादा को कुल्हाड़ी से काट डाला। उसने यह हत्या गलती से नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से की। इतना ही नहीं उसने पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की। पलारी थाना प्रभारी हेमंत पटेल ने बताया कि नाबालिग पोती को हिरासत में ले लिया गया है। आगे की कार्यवाही जारी है।
फिलहाल पुलिस उसे बाल सुधार गृह भेजने की तैयारी कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम अमेरा निवासी पुरुषोत्तम यादव का बेटा और बहू गांव से बाहर कमाने गए हैं। उनकी दोनों पोतियां गांव में साथ में पढ़ाई कर रही हैं। मंगलवार की सुबह घर में पुरुषोत्तम का खून से लथपथ शव मिलने से सनसनी फैल गई। बड़ी पोती से जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि जब तक वह स्कूल गई थी, तब तक उसके दादा को कुछ नहीं हुआ था। जब वह वहाँ से लौटी तो उसके दादा मृत पड़े थे। पुलिस ने स्कूल में पूछताछ की तो पता चला कि वह स्कूल गई ही नहीं थी। यहीं से पोती शक के घेरे में आई। इसके बाद जब पुलिस ने थोड़ी सख्ती दिखाई तो उसने दादा की हत्या की बात कबूल करते हुए जो वजह बताई, वह चिंताजनक थी।
योजनाबद्ध तरीके से दिया वारदात को अंजाम: नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली पोती ने बताया कि उसके दादा अक्सर उसे मोबाइल देखने पर डाँटते थे। अगर वह उसे मोबाइल पर किसी से बात करते देख लेते तो उसे बुरी तरह डाँटते थे। इससे वह बहुत गुस्से में रहती थी। मंगलवार, 12 अगस्त की सुबह उसके दादा ने उसे मोबाइल देखने पर खूब डाँटा। इस पर उसने दादा की हत्या की योजना बनाई और अपनी छोटी बहन के स्कूल जाने का इंतज़ार करने लगी। जब छोटी बहन स्कूल गई तो उसने घर में रखी कुल्हाड़ी निकाली और आराम कर रहे दादा पर अचानक हमला कर दिया। कुल्हाड़ी लगते ही दादा ज़मीन पर गिर पड़े। इसके बाद वह उन पर तब तक वार करती रही जब तक उनके प्राण नहीं निकल गए। इसके बाद वह वर्दी पहनकर कहीं चली गई और स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर लौटी और सबको बताया कि दादा की हत्या कर दी गई है।
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