सुप्रीम कोर्ट में सहारा-अडानी की ऐतिहासिक रियल एस्टेट डील पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा इंडिया कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की उस पिटीशन पर केंद्र सरकार, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से जवाब मांगा है, जिसमें उसने अपनी 88 प्राइम प्रॉपर्टीज को अडानी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को बेचने की परमिशन मांगी है। इन प्रॉपर्टीज में कथित तौर पर महाराष्ट्र में 9,000 एकड़ में फैली लग्जरी एंबी वैली टाउनशिप, लखनऊ में सहारा सिटी और मुंबई एयरपोर्ट के पास सहारा स्टार होटल शामिल हैं। अगर यह डील हो जाती है, तो यह देश के इतिहास की सबसे बड़ी रियल एस्टेट डील हो सकती है।
सूत्रों का कहना है कि इन कंपनियों की वैल्यू ₹1 लाख करोड़ से ज़्यादा होने का अनुमान है। सहारा ग्रुप की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने एक कॉम्प्रिहेंसिव प्लान पेश किया है, जिसके तहत उनकी प्रॉपर्टीज एक ही खरीदार को बल्क में बेची जाएंगी, और लगभग ₹12,000 करोड़ की इनकम का इस्तेमाल बकाया लायबिलिटीज चुकाने के लिए किया जाएगा। अडानी प्रॉपर्टीज की तरफ से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि उनका क्लाइंट आगे के लिटिगेशन से बचने के लिए सभी 88 प्रॉपर्टीज एक साथ खरीदने को तैयार है। इस डील से न केवल सहारा ग्रुप का बकाया चुकाने में मदद मिलेगी, बल्कि अडानी ग्रुप का रियल एस्टेट पोर्टफोलियो भी काफी बढ़ेगा।
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