सुप्रीम कोर्ट में 17 मार्च से अहम सुनवाई, ‘उद्योग’ की परिभाषा पर होगा बड़ा फैसला
नौ जजों की संविधान पीठ करेगी Industrial Disputes Act से जुड़े पुराने विवाद की सुनवाई

Report| नई दिल्ली। Supreme Court of India की नौ जजों वाली संविधान पीठ 17 मार्च से एक अहम कानूनी मामले पर सुनवाई शुरू करने जा रही है। यह मामला औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 में “उद्योग” शब्द की परिभाषा से जुड़ा हुआ है, जिस पर लंबे समय से बहस चल रही है। इस सुनवाई का असर देश के श्रम कानूनों और कई सरकारी गतिविधियों की कानूनी स्थिति पर पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट की जारी Cause List के अनुसार इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अगुवाई में गठित नौ सदस्यीय संविधान पीठ करेगी। इस पीठ में जस्टिस B. V. Nagarathna, जस्टिस P. S. Narasimha, जस्टिस Dipankar Datta, जस्टिस Ujjal Bhuyan, जस्टिस Satish Chandra Sharma, जस्टिस Joymalya Bagchi, जस्टिस Alok Aradhe और जस्टिस Vipul M. Pancholi भी शामिल हैं।
इससे पहले 16 फरवरी को अदालत ने इस मामले से जुड़े मुख्य कानूनी प्रश्नों को तय किया था। इनमें प्रमुख सवाल यह है कि वर्ष 1978 के Bangalore Water Supply and Sewerage Board vs A. Rajappa case 1978 में जस्टिस V. R. Krishna Iyer द्वारा तय किया गया ‘टेस्ट’ आज भी वैध कानून माना जा सकता है या नहीं।
सुनवाई के दौरान यह भी विचार किया जाएगा कि इस निर्णय का प्रभाव Industrial Disputes Act 1947 और Industrial Relations Code 2020 जैसे श्रम कानूनों पर किस प्रकार पड़ सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला देश में श्रम विवादों से जुड़े मामलों और सरकारी संस्थाओं की भूमिका को लेकर भविष्य में महत्वपूर्ण दिशा तय कर सकता है।
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