नौकरी

नौकरी में अंग्रेजी कौशल की बढ़ती अहमियत, एआई भी नहीं कर सकता इसकी भरपाई

वैश्विक रिपोर्ट में खुलासा—भारत के अधिकांश एचआर विशेषज्ञ मानते हैं कि बेहतर अंग्रेजी से संगठनों की कार्यक्षमता बढ़ती है।

Report| नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाली कंपनियों में अंग्रेजी भाषा का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में जारी एक वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में काम कर रहे करीब 98 प्रतिशत एचआर प्रमुखों का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों की अंग्रेजी क्षमता का सही मूल्यांकन किया जाए तो संस्थानों की कार्यक्षमता में बड़ा सुधार देखा जा सकता है।

यह निष्कर्ष Educational Testing Service द्वारा जारी TOEIC Global English Skills Report में सामने आया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तेजी से बढ़ रहे Artificial Intelligence के उपयोग के बावजूद कमजोर अंग्रेजी कौशल की भरपाई तकनीक से पूरी तरह नहीं हो सकती।

अमेरिका के Princeton स्थित संस्था ईटीएस द्वारा जारी इस अध्ययन में बताया गया कि भारत में 97 प्रतिशत नियोक्ता मानते हैं कि पांच वर्ष पहले की तुलना में आज अंग्रेजी दक्षता कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो चुकी है।

सर्वे के मुताबिक 84 प्रतिशत एचआर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कर्मचारियों की अंग्रेजी क्षमता कमजोर हो तो वैश्विक बाजार में कंपनियों को प्रतिस्पर्धा में नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं 87 प्रतिशत नियोक्ताओं का कहना है कि कार्यस्थल पर AI के बढ़ते इस्तेमाल ने अंग्रेजी कौशल की जरूरत को और बढ़ा दिया है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 94 प्रतिशत नियोक्ताओं के अनुसार वैश्विक स्तर पर बढ़ते सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं के कारण अंग्रेजी भाषा की आवश्यकता पहले से अधिक हो गई है। लगभग 90 प्रतिशत विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी संगठन की सफलता के लिए कर्मचारियों की अंग्रेजी दक्षता बेहद महत्वपूर्ण है।

अध्ययन के अनुसार अब कई कंपनियां अंग्रेजी को केवल सॉफ्ट स्किल नहीं बल्कि कर्मचारियों की एक प्रमुख पेशेवर क्षमता के रूप में देखने लगी हैं। यह सर्वे 17 देशों के 1,325 एचआर निर्णय लेने वाले अधिकारियों पर आधारित है, जिनमें भारत के साथ ब्राजील, चीन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, मैक्सिको, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, स्पेन, यूएई और वियतनाम जैसे देश शामिल हैं।

ईटीएस के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय निदेशक Ajay Pratap Singh ने कहा कि जैसे-जैसे भारतीय कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कर रही हैं, वे ऐसी टीमों का निर्माण करना चाहती हैं जो वैश्विक सहयोग और बदलते कार्य वातावरण के लिए तैयार हों।

नए खबरों के लिए बने रहे सटीकता न्यूज के साथ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
अडूसा: प्राकृतिक औषधि जो सर्दी, खांसी, घाव और दर्द में देती है राहत शादी में पुरुष क्या चाहते हैं? सुंदरता से ज़्यादा ये 5 गुण रिश्ते को बनाते हैं मज़बूत परीक्षा में सही टाइम मैनेजमेंट और स्मार्ट टाइम टेबल कैसे करे सर्दियों में इम्यूनिटी बढ़ाने का देसी तरीका, घर पर बनाएं सेहत से भरपूर कांजी स्वाद भी सेहत भी: बयु/बबुआ खाने के फायदे जानकर आप भी इसे डाइट में ज़रूर शामिल करेंगे गले की खराश से तुरंत राहत: अपनाएं ये असरदार घरेलू नुस्खे